चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ की ओर से प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित किये जाने वाले शिव आराधना अनुष्ठान की श्रृंखला में इस बार एक लाख 51 हजार पार्थिव शिवलिंगों के साथ प्रथम बार एकादश रुद्र की स्थापना कर कल्याण नगरी वासियों को अनूठे दिव्य दर्शन का सुनहरा अवसर प्रदान किया गया । इस अवसर पर वेदपीठ परिसर में ठाकुर श्री कल्लाजी एवं कल्याणेश्वर महादेव की प्रेरणा से वेदपीठ के आचार्याे एवं बटुकों द्वारा वैदिक विधान के अनुसार पार्थिव शिवलिंगों के साथ एकादश रुद्र स्वरूप की स्थापना की गई । जिनमें एकादश रुद्र कपाली, पिंगल,भीम, विरूपाक्ष, विलोहित, शास्ता, अजपाद अहिर्बुध्न्य, चण्ड, भव व शम्भू सहित पार्थिव शिवलिंगों एवं रुद्र स्वरूपो का शिव भक्तों एवं कल्याण भक्तों द्वारा 21 भगवान शिव के प्रिय द्रव्यों से महा रुद्राभिषेक के साथ ही भक्तों द्वारा मनवांछित फल प्राप्ति के उद्देश्य से सहस्त्र संख्या में भगवान शिव को प्रिय पदार्थ सहस्त्रार्चन के स्वरूप में न्योछावर किये गए। शिव भक्ति के इस अनूठे आयोजन में 300 यजनमान जोड़ो की भागीदारी के साथ ही वेदपीठ के पदाधिकारियों, न्यासियों, बटुकों,आचार्याे, वीर वीरांगनाओं एवं बड़ी संख्या मे कल्याण भक्तों ने शिव भक्ति में लीन होकर लगभग 11 लाख भगवान शिव के प्रिय पंचाक्षरी मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए सर्वत्र खुशहाली और सौभाग्य की कामना की ।इस मौके पर कल्याण चौक पर स्थापित जयमलजी एवं कल्लाजी के चतर्भुज स्वरूप का वैदिक विधान के साथ अभिषेक कर कल्याण नगरी सहित देश और प्रदेश में खुशहाली की कामना की गई ।
ठाकुर जी के दर्शन हुए महाकाल स्वरूप में-
वेदपीठ पर विराजित एवं जन जन के आराध्य ठाकुर श्री कल्लाजी के महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकाल स्वरूप में सजी झांकी ने भक्तों को भाव विभोर कर दिया ।हर कोई अपने आराध्य के अनुपम स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभूति कर रहा था । इस अवसर पर वेदपीठ को आकर्षक झांकी से सुसज्जित करने के साथ ही ठाकुर जी को नैवेद्य स्वरूप में 56 भोग न्यौछावर किया गया । चार प्रहर चले शिव आराधना अनुष्ठान के साथ भगवान शिव की महाआरती कर भक्तों को महा प्रसाद वितरित किया गया।