नीमच। मध्य प्रदेश में फरवरी माह में तीसरी बार मौसम बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। फिलहाल हल्की सर्दी का असर रहेगा, सुबह-शाम ठंड और दिन में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की संभावना है।
बुधवार को ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर, धार, झाबुआ, गुना, नीमच, छतरपुर और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में बारिश के आसार जताए गए हैं, जबकि भोपाल, विदिशा, सागर, सीहोर, देवास, दमोह, बड़वानी, खरगोन, सतना और पन्ना में बादल छाए रहने की संभावना है। कहीं-कहीं तेज हवा और हल्की आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग के कुछ हिस्सों में मौसम तंत्र का असर बना रहेगा और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है।
इधर मालवा और मेवाड़ क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। नीमच सहित कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे अफीम की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस समय नमी बढ़ने से लाही प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ सकता है।
नीमच जिले के ग्राम मालखेड़ा के किसान एवं सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र पाटीदार ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहा बदलाव किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है और वर्तमान बारिश कई फसलों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
किसानों ने शासन से नुकसान का सर्वे कराकर राहत देने की मांग की है, ताकि प्रभावित कृषकों को आर्थिक सहारा मिल सके।