नीमच। जिले के मनासा स्थित कमला नेहरू कॉलोनी के पीछे झुग्गी-झोपड़ी में वर्षों से निवास कर रहे परिवारों ने जिला जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन के सामने अपना दर्द बयां किया और पट्टा व मुआवजे की मांग उठाई।
बताते चलें कि पिछले दिनों अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान करीब 25 से अधिक झोपड़ियां को ज़मींदोज़ करने का मामला सामने आया था। अतिक्रमण हटाने से पीड़ित लोग आज फिर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।वार्ड क्रमांक 13 की निवासी गीतादेवी पत्नी नंदलाल बंजारा ने आवेदन में बताया कि वर्ष 2006 में उन्हें झुग्गी का पट्टा स्वीकृत हुआ था, जो वर्ष 2023 में लागू भी हो गया, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक अधिकार पत्र नहीं मिला। उनका आरोप है कि नगर पालिका की कार्रवाई में उन्हें झोपड़ी से बेदखल कर दिया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे गंभीर रूप से बीमार होकर आईसीयू में भर्ती हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल पट्टा प्रदान करने और मुआवजा दिलाने की मांग की है।
विनोद पिता गुड्डालाल बलाई ने बताया कि वे पिछले 15-16 वर्षों से परिवार सहित झुग्गी में रह रहे थे। 19 फरवरी 2026 को उनकी झोपड़ी तोड़ दी गई, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। स्वयं को भूमिहीन बताते हुए उन्होंने नगर परिषद से झुग्गी का पट्टा दिलाने की गुहार लगाई। जग्गी झोपड़ी वासियो ने प्रशासन से मानवीय संवेदना के साथ शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।