चित्तौड़गढ़ । “जहाँ संवेदनाएं सक्रिय होती हैं, वहीं ईश्वर का वास होता है।" शहर के रेल्वे स्टेशन रोड पर स्थित जैन धर्मशाला में तीन दिनों से जारी सेवा, त्याग और आत्मीयता के 'दिव्यांग सहायता शिविर' का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। भारत विकास परिषद की शाखा के इस 12 वें शिविर के अंतिम दिन का दृश्य भावुक कर देने वाला था। मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने जब कृत्रिम अंगों के सहारे दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनते देखा, तो उन्होंने इसे मानवता की सबसे बड़ी सेवा करार दिया। यह शिविर केवल चिकित्सा सहायता मात्र नहीं था, बल्कि एक संस्था द्वारा समाज को दिया गया वो संबल था, जिसने हजारों परिवारों के अंधेरे जीवन में उम्मीद का नया सूरज उगा दिया है। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर आलोक रंजन समारोह अध्यक्ष क्षेत्रीय महासचिव संदीप बालदी क्षैत्रिय संयोजक कमल जैन प्रान्तीय उपाध्यक्ष बालकृष्ण धूत सह संगठन मंत्री नविन वर्डिया संयोजक बादशाह सिंह शाखा संरक्षक आई एम सेठिया अध्यक्ष महेश नुवाल सचिव बृजेश मोदानी ने दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह की शुरुआत की। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने कहा कि आज का यह नजारा अद्भुत है। उन्होंने परिषद के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा, "भारत विकास परिषद ने अब तक 12 शिविर यहाँ लगाए हैं, परिषद नें दिव्यांगता को शक्ति में बदलकर हजारों दिव्यांगों के जीवन को संवारने का काम शिविर के माध्यम से किया है अपनें पैसे का सदुपयोग दूसरों की सेवा करना है भगवान नें हमें योग्य बनाया है तो हम दूसरों की मदद करें
शिविर के दौरान दिव्यांगों को 'जयपुर फुट', कृत्रिम हाथ ट्राई साइकिल व्हीलचेयर वॉकर व श्रवणयंत्र प्रदान कर उन्हें नया जीवन दिया गया। इस अवसर पर अतिथियों को व भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति की तकनीकी टीम का उपरणा पगडी व प्रतीक चिन्ह देकर भावभीना सम्मान परिषद के वरिष्ठ सदस्य ऋषभ सुराणा कृष्ण गोपाल डाड मनोहर मुन्दडा सुरेश शर्मा राजेश पगारिया दिनेश काबरा शैलेश निगम राजेश खण्डेलवाल कनक मेहता रमेश जागेटिया सुनिल काबरा कमलेश सोमानी नरेन्द्र जोशी अशोक काबरा राजेश शर्मा भगवतीलाल समदानी नें किया ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में शाखा अध्यक्ष महेश नुवाल नें स्वागत करते हुए शिविर के बारे में प्रारम्भ से अंत तक जानकारी दी और वरिष्ठ सदस्य आई एम सेठिया ने बताया कि जयपुर फुट से आई टीम के कारण इस बार रिकॉर्ड संख्या में लाभार्थियों को लाभ पहुंचा है।
समापन समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित शहर के गणमान्य नागरिक और परिषद के सदस्य उपस्थित रहे। शिविर के अंत में जब लाभार्थी अपने नए कृत्रिम अंगों के सहारे बिना किसी मदद के सभा स्थल से बाहर निकले, तो उनकी आंखों की चमक और चेहरे की मुस्कान ने इस आयोजन की सार्थकता पर मुहर लगा दी।
क्षेत्रीय संयोजक कमल जैन नें बताया कि समारोह में कृत्रिम हाथ लगाने के पश्चात् रामस्वरूपलाल नें मोटरसाइकिल चला कर व जिला कलेक्टर से हाथ मिला कर हैरत अंगेज़ प्रदर्शन किया शिविर में
एक डेढ माह कि बच्ची व एक साल की मासूम बच्ची जिनका पैर टेढा था उनके कैलिपर्स बना कर पहनाया गया । उन्होंने 12 वें दिव्यांग सहायता शिविर की उपलब्धियां बतलाते हुए बताया कि
कुल पंजीकरण 620, प्रत्यक्ष लाभान्वित 425,
कृत्रिम पैर व कैलीपर्स 88
कृत्रिम हाथ 15
ट्राई साइकिल 63, व्हीलचेयर 23,
बैसाखियां 28,
वॉकर 14,
स्टिक छडी 21,
श्रवण यंत्र 69 (कान की मशीन)
यूडीआईडी कार्ड 104
शिविर का अवलोकन करते हुए जिला कलेक्टर आलोक रंजन नें दिव्यांगों से रूबरू होकर बात की व कहा कि शिविर के माध्यम से दिव्यांगों को न केवल अंग व उपकरण मिले, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने व समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अधिकारीयों को दिव्यांग व्यक्तियों तक पंहुचकर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करनें हेतु पाबन्द किया। संचालन कमल जैन व पारस टेलर नें किया।