गरोठ। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, गरोठ ने पॉक्सो एक्ट के तहत एक अहम फैसले में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला बुधवार को सुनाया गया। मामला गरोठ थाना क्षेत्र के ग्राम लाखाखेड़ी की नाबालिग बालिका से जुड़े जघन्य अपराध का है।
अभियोजन के अनुसार, 14 जून 2022 को नाबालिग का अपहरण किया गया था। आरोपी ललित, अर्जुन और प्रदीप उसे बाइक से शामगढ़ होते हुए अहमदाबाद के पास ग्राम बावला क्षेत्र ले गए, जहां 17 जुलाई 2022 तक उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता की मां द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। ग्रामीणों से मिली सूचना और प्रधान आरक्षक मानसिंह राठौर की भूमिका से मामले का खुलासा हुआ। गरोठ थाने में अपराध दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध-
मामले में लोक अभियोजन अधिकारी कमलेश श्रीवास ने प्रभावी पैरवी की। विशेष न्यायाधीश निरंजन कुमार पांचाल ने साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दस्तावेजी प्रमाणों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने अपहरण, बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई। यह फैसला बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश देता है। स्थानीय स्तर पर इसे न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है, जिससे पीड़ित परिवार को राहत और समाज में अपराधियों के लिए कड़ी चेतावनी मिली है।