BREAKING NEWS
KHABAR : बंद फाटक पार करना पड़ सकता है भारी, रेलवे ने.. <<     KHABAR : अंबाह के परेड चौराहे पर ट्रांसफॉर्मर में.. <<     KHABAR : 77वीं जूनियर राज्य स्तरीय बास्केटबॉल.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : अंबाह के परेड चौराहे पर ट्रांसफॉर्मर में.. <<     BIG NEWS : मनासा क्षेत्र का ग्राम कचौली और 9 साल की.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     HOROSCOPE TODAY : इन पांच राशि वालों को अचानक मिलेगी.. <<     KHABAR : स्वत्व भाव से भ्रमण कर लौटे.. <<     KHABAR : NHM संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : राज्यसभा चुनावी हलचल के बीच विकास मिशन.. <<     KHABAR : ऑपरेशन त्रिनेत्रम से लूट का खुलासा, तीन.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : स्व. मांगीबाई गुर्जर की स्मृति में.. <<     KHABAR : रामपुरा में गांधीसागर जलाशय पर मॉक ड्रिल,.. <<     BIG NEWS : एमपी के एक लाख संविदाकर्मियों का वेतन.. <<     खरगोन में बिस्टान सिंचाई परियोजना के किसान.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 17, 2026, 3:04 pm
KHABAR : समय से पूर्व जन्मे नवजात का जीवन एसएनसीयू में सुरक्षित, जिला चिकित्सालय चरक भवन में गहन उपचार और ऑक्सीजन थेरेपी से नवजात स्वस्थ होकर डिस्चार्ज, पढ़े खबर 

Share On:-

उज्जैन। जिला चिकित्सालय चरक भवन में नवजात शिशुओं के जीवन की रक्षा के लिए एसएनसीयू का संचालन पूर्ण क्षमता के साथ किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि हाल ही में उज्जैन संभाग के शाजापुर जिले की निवासी श्रीमती रिंकु, पत्नी जितेंद्र ने समय से पूर्व सीजेरियन द्वारा शिशु को जन्म दिया।

नवजात का वजन अत्यंत कम था और उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। निजी अस्पताल में भर्ती रखने के बावजूद शिशु का स्वास्थ्य सुधार नहीं पा रहा था और माता-पिता को आर्थिक बोझ भी सहना पड़ रहा था।

नवजात शिशु के माता-पिता जिला चिकित्सालय चरक भवन पहुंचे, जहां डॉ. मीहिका गर्ग ने शिशु का स्वास्थ्य परीक्षण किया। नवजात को एसएनसीयू में तुरंत भर्ती किया गया और गहन उपचार के साथ ऑक्सीजन थेरेपी प्रदान की गई।

लगभग एक माह तक सतत उपचार के बाद शिशु का स्वास्थ्य सुधार गया और वजन भी बढ़ा। अब नवजात शिशु स्वस्थ होकर डिस्चार्ज कर दिया गया है और उसका नियमित फॉलोअप लिया जा रहा है। माता-पिता अपनी संतुष्टि और खुशी व्यक्त कर रहे हैं।

जिला चिकित्सालय में एसएनसीयू में नवजात शिशुओं का निःशुल्क उपचार किया जाता है। यदि शिशु को किसी निजी अस्पताल में लगभग एक माह तक भर्ती रखकर उपचार करवाया जाता, तो खर्च लगभग 2 लाख रुपए होता। जिला चिकित्सालय में यह उपचार निशुल्क संभव हो सका। 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE