BREAKING NEWS
KHABAR : स्वत्व भाव से भ्रमण कर लौटे.. <<     KHABAR : NHM संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : राज्यसभा चुनावी हलचल के बीच विकास मिशन.. <<     KHABAR : ऑपरेशन त्रिनेत्रम से लूट का खुलासा, तीन.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : स्व. मांगीबाई गुर्जर की स्मृति में.. <<     KHABAR : रामपुरा में गांधीसागर जलाशय पर मॉक ड्रिल,.. <<     BIG NEWS : एमपी के एक लाख संविदाकर्मियों का वेतन.. <<     खरगोन में बिस्टान सिंचाई परियोजना के किसान.. <<     श्रीराम मंदिर परिसर में गूंजी भागवत.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : शिवपुरी नगर पालिका में लेखापाल से मारपीट.. <<     KHABAR : बिस्टान माइक्रो सिंचाई परियोजना से जुड़े.. <<     राष्ट्रीय किकबॉक्सिंग में चमका मध्यप्रदेश,28.. <<     KHABAR : मंदसौर में योजनाओं की समीक्षा, समग्र आईडी.. <<     शाजापुर जिला अस्पताल में 154 संविदा स्वास्थ्य.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : मनासा नगर के भाटखेड़ी बायपास पर हादसों का.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 17, 2026, 6:50 pm
KHABAR : दत्तक ग्रहण बढ़ाने, राज्यों के समन्वय और पुनर्वास पर क्षेत्रीय परामर्श बैठक, मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा- दिव्यांग बच्चों को परिवार से जोड़ने के लिए जागरूकता जरूरी, पढ़े खबर 

Share On:-

मंदसौर। दिव्यांग बच्चों को संस्थाओं से निकालकर परिवार का स्नेह और सुरक्षित भविष्य दिलाने के उद्देश्य से मंगलवार को रवीन्द्र भवन में क्षेत्रीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

मंत्री भूरिया ने कहा कि समाज की संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच से ही ऐसे बच्चों को परिवार और बेहतर जीवन मिल सकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “दिव्यांग” शब्द के प्रयोग से समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया है।

गैर-संस्थागत पुनर्वास पर सरकार का जोर-
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में गैर-संस्थागत पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के माध्यम से स्पॉन्सरशिप और आफ्टर-केयर की व्यवस्था कर बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव जी.वी. रश्मि, केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की उप निदेशक ऋचा ओझा, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

देश में विशेष बच्चों को गोद लेने की संख्या कम-
मंत्री भूरिया ने बताया कि वर्ष 2024-25 में देश में 4155 बच्चों को गोद लिया गया, जिनमें केवल 7 प्रतिशत विशेष आवश्यकता वाले बच्चे थे। इनमें से अधिकांश को विदेशी दम्पत्तियों ने गोद लिया। उन्होंने कहा कि दत्तक ग्रहण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सफल दिव्यांग व्यक्तियों को ब्रांड एम्बेसडर बनाकर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है तथा दिव्यांग बच्चों को गोद लेने वाले परिवारों को चिकित्सा, शिक्षा, परामर्श और बीमा जैसी सुविधाएं दी जानी चाहिए।

परिवार आधारित पुनर्वास पर जोर-
सचिव जी.वी. रश्मि ने कहा कि सामाजिक रूढ़ियां दत्तक ग्रहण में बाधा बनती हैं, इसलिए समाज में संवेदनशीलता बढ़ाना जरूरी है। सीएआरए की उप निदेशक ऋचा ओझा ने कहा कि देशभर में ऐसे परामर्श कार्यक्रमों का उद्देश्य विशेष बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देना और परिवार आधारित पुनर्वास को मजबूत करना है। बैठक में दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण, कानूनी प्रक्रियाओं, चिकित्सीय आकलन और विभागीय समन्वय से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में बालिका गृह भोपाल की बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी।

 

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE