चित्तौड़गढ़। मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 1 अप्रैल से 15 मई तक “मलेरिया क्रैश कार्यक्रम” का पहला चरण प्रारंभ किया गया है।
डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. पुनीत तिवारी ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भोपालसागर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टाफ की बैठक लेकर 1 अप्रैल से 14 मई 2026 तक संचालित होने वाले अभियान की रूपरेखा एवं उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की।
डॉ. तिवारी ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रही बारिश के चलते मच्छरों का प्रजनन बढ़ने की आशंका है, इसलिए अभी से नियंत्रण उपाय शुरू करना आवश्यक है। उन्होंने एंटी-लार्वा एवं एंटी-एडल्ट गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए तथा संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया।
मच्छर नियंत्रण के लिए प्रमुख कदम-
- सोर्स रिडक्शन: पानी के जमाव को समाप्त कर मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना।
- एंटी-लार्वा एवं एंटी-एडल्ट गतिविधियां: लार्वा एवं वयस्क मच्छरों के नियंत्रण हेतु दवा का छिड़काव।
- जागरूकता अभियान: सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) के माध्यम से आमजन को बचाव के उपायों की जानकारी देना।
- संक्रमण मिलने पर कार्रवाई: रोगी मिलने पर तत्काल सोर्स रिडक्शन व दवा छिड़काव सुनिश्चित करना।
- जैविक नियंत्रण: स्थायी जल स्रोतों में गम्बूशिया मछली छोड़कर लार्वा नियंत्रण।
डॉ. तिवारी ने चिकित्सा स्टाफ को सतर्क, संवेदनशील एवं सक्रिय रहकर कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बीसीएमओ डॉ. के.एल. मीणा, सीएचसी प्रभारी डॉ. शिवकुमार प्रजापत एवं जिला डाटा प्रबंधक खुशवंत कुमार हिण्डोनिया सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।