चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में 3 अप्रैल से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेडिशनल नॉलेज, ग्रीन इकॉनमी एंड एंटरप्रेन्योरशिप ऑपर्च्युनिटीज फॉर रूरल डेवलपमेंट एंड सस्टेनेबल लाइवलीहुड (ICRDSL-2026)” का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। यह सम्मेलन 3 एवं 4 अप्रैल 2026 को हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ एवं नीति-निर्माता भाग लेंगे।
कॉन्फ्रेंस की संयोजक डॉ. साधना मंडलोई ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य ग्रामीण विकास और सतत आजीविका से जुड़े विषयों पर सार्थक विमर्श को बढ़ावा देना है। इसमें हरित अर्थव्यवस्था, उद्यमिता विकास, डिजिटल परिवर्तन, एग्रीबिजनेस, पर्यटन और पारंपरिक ज्ञान जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. राजेश भट्ट के अनुसार, कार्यक्रम में कीनोट व्याख्यान के साथ शोधार्थियों एवं शिक्षकों को अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। चयनित शोध पत्रों के ISBN एवं स्कोपस इंडेक्स्ड प्रकाशन की व्यवस्था भी की गई है।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के मदन मोहन मालवीय हॉल में कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सम्मेलन की रूपरेखा, तकनीकी सत्रों, शोध पत्र प्रस्तुति एवं आयोजन व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रो. (डॉ.) दीपक व्यास, प्रो. (डॉ.) अजय कुमार, डॉ. ओम प्रकाश शर्मा, डॉ. सोनिया सिंगला, श्रीमती माधुरी भट्ट और श्री नवीन दहनवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सम्मेलन के दौरान उत्कृष्ट शोध पत्रों एवं प्रस्तुतियों को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह आयोजन शोध सहयोग, नेटवर्किंग और अकादमिक संवाद को सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण विकास और सतत भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।