नीमच। बिजली वितरण कंपनी में बिना वैध लाइसेंस के ठेकेदार से कार्य कराए जाने और अधिकारियों की कथित मिलीभगत के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में नीमच निवासी बालचंद वर्मा ने प्रबंध निदेशक, मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर को शिकायत भेजकर विभागीय जांच की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग मध्यप्रदेश शासन को भी प्रेषित की गई है।
शिकायत में बताया गया है कि ऑल सर्विस ग्लोबल प्रा. लि., गोरेगांव ईस्ट (मुंबई) द्वारा मध्यप्रदेश में विद्युत कार्य किए जा रहे थे, जबकि कंपनी का ‘अ’ वर्ग विद्युत ठेकेदारी लाइसेंस एवं श्रम विभाग का लाइसेंस निर्धारित अवधि के बाद समाप्त हो चुका था। यह जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्राप्त दस्तावेजों से सामने आई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सचिव अनुज्ञापन मंडल (विद्युत), भोपाल से प्राप्त जानकारी में संबंधित कंपनी का लाइसेंस नवंबर 2023 में समाप्त होना बताया गया है, जबकि रिकॉर्ड में इसकी अवधि बढ़ाकर दर्शाई गई। आरोप है कि दस्तावेजों में हेराफेरी कर विभाग को गुमराह किया गया, जो दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
आरोप यह भी है कि लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद नवंबर 2025 तक कंपनी से कार्य कराया जाता रहा, जो अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है। इस दौरान विद्युत दुर्घटनाओं में वृद्धि होने का भी उल्लेख किया गया है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार कंपनी एवं विभागीय अधिकारियों पर बताई गई है।
शिकायत में मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण यंत्री स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर प्रकरण सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
मामला सामने आने के बाद बिजली विभाग में हलचल की चर्चा है और अब सभी की नजर संभावित विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।