नीमच। मध्यप्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने विद्युत कर्मचारियों की लंबित मांगों के निराकरण में हो रही देरी को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन किया। इसी क्रम में नीमच में भी कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया और शासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
महासंघ द्वारा ऊर्जा मंत्री को प्रेषित ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि बार-बार पत्राचार और द्विपक्षीय चर्चाओं के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में हजारों संविदा, आउटसोर्स और नियमित कर्मचारी लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो नियमित किया गया है और न ही वेतन व सेवा संबंधी विसंगतियों का निराकरण किया गया है। कर्मचारियों ने संविदा कर्मियों के नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों के समाधान, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अलग निगम गठन, भत्तों एवं बीमा में वृद्धि, अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन बहाली, पदोन्नति तथा स्थानांतरण नीति लागू करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई हैं।
महासंघ ने चेतावनी देते हुए बताया कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इसी कड़ी में 16 अप्रैल को राजधानी भोपाल में विशाल धरना एवं रैली आयोजित कर शासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महासंघ ने सरकार से अपील की है कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर त्वरित निर्णय लेकर प्रदेश में औद्योगिक शांति बनाए रखी जाए, अन्यथा उत्पन्न स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।