चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिले में वर्ष भर लावारिस एवं असहाय व्यक्तियों की मृत्यु के पश्चात जनसहयोग से शिवसेना जिला प्रभारी गोपाल वेद द्वारा अंतिम संस्कार कर एकत्रित की गई अस्थियों को 31 मार्च को मोक्षगति वाहन से हरिद्वार ले जाया गया, जहां विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ मोक्षदायिनी गंगा नदी में उनका विसर्जन किया गया। इस दौरान दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा गरीबों को निःशुल्क भोजन भी कराया गया।
जिला प्रभारी गोपाल वेद ने बताया कि अस्थि विसर्जन कार्यक्रम के दौरान शिवलाल माली, शंभू गायरी, दिव्यांशु वैधा, पवन गांछा, ईश्वर नाथा एवं सिद्धार्थ माली भी उपस्थित रहे।
वापसी पर चित्तौड़गढ़ पहुंचकर सभी ने हरिद्वार से लाए गए 51 लीटर गंगाजल तथा 5 लीटर दूध-दही से बने पंचामृत के साथ स्थानीय हजारेश्वर महादेव मंदिर में महंत चन्द्रभारती महाराज के सानिध्य में भगवान शिव का अभिषेक किया।
इस जनसेवा एवं पीड़ित मानवता सहायता कार्यक्रम में विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष महेश ईनाणी, भारत विकास परिषद अध्यक्ष महेश नुवाल, सचिव बृजेश मोदानी, वरिष्ठ नागरिक मंच अध्यक्ष अमरकंठ उपाध्याय, विहिप अध्यक्ष किशन पिछोलिया, महासचिव राधेश्याम आमेरिया, मातेश्वरी गो कृपा के पुष्कर नराणिया, अरबन बैंक अध्यक्ष आई.एम. सेठिया, आचार्य तुलसी फाउंडेशन अध्यक्ष सुनील ढीलीवाल, इनरव्हील क्लब अध्यक्ष सुनील शिशोदिया, राजवीर सिंह जाड़ावत, प्रेमप्रकाश मूंदड़ा, आबकारी विभाग के पूर्व इंचार्ज भंवरसिंह, मातेश्वरी सेवा संस्था के भेरूलाल शर्मा, चित्तौड़ी आठम समिति के मुकेश नाहटा, महेश रावत, सरदार मोंटी चड्ढा, ऋतु भोजवानी सहित पुलिस थाना, यातायात पुलिस एवं किराना व्यापार संघ का सहयोग रहा।
अब तक 7,315 अस्थियों का विसर्जन-
गोपाल वेद के अनुसार वर्ष 2006 से लगातार चल रहे इस सेवा कार्य के तहत अब तक लगभग 20 वर्षों में 7,315 दिवंगत व्यक्तियों की अस्थियों का हरिद्वार में विधिवत विसर्जन किया जा चुका है। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।