मनासा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारियों ने वर्षों से लंबित पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन तहसीलदार मनासा के माध्यम से प्रेषित किया गया। संगठन ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन एवं 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पटवारी संवर्ग की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए संगठन लंबे समय से शासन स्तर पर प्रयासरत है। अक्टूबर 2025 में मुख्यमंत्री से हुई भेंट के दौरान पटवारी महाधिवेशन आयोजित कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक न तो महाधिवेशन की तिथि घोषित की गई और न ही लंबित मांगों पर कोई निर्णय लिया गया।
पटवारी संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू करने, पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करने, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा शीघ्र आयोजित करने, राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों में कार्यरत पटवारियों को न्यायिक संरक्षण (जज प्रोटेक्शन एक्ट) के दायरे में शामिल करने, विभिन्न योजनाओं के लंबित मानदेय का भुगतान करने तथा संघ पदाधिकारियों के स्थानांतरण नीति के विरुद्ध किए गए तबादलों को निरस्त करने की मांग उठाई है। साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए नियमित परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने की मांग भी की गई है।
संघ ने बताया कि 8 जुलाई 2026 को जिलास्तर पर ज्ञापन सौंपने एवं 15 से 17 जुलाई तक तीन दिवसीय सांकेतिक सामूहिक अवकाश के बावजूद कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है। इसके तहत 20 से 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा, 24 से 27 जुलाई तक शासकीय व्हाट्सएप एवं अन्य समूहों का बहिष्कार किया जाएगा, 28 जुलाई से 2 अगस्त तक सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार रहेगा तथा 3 अगस्त 2026 से मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
संघ ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान यदि किसी भी तहसील में पटवारियों के विरुद्ध दमनात्मक कार्रवाई की जाती है तो आंदोलन तत्काल अनिश्चितकालीन हड़ताल में परिवर्तित कर दिया जाएगा। साथ ही किसानों एवं आमजन को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।