खरगोन। TET परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त करने सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष एवं अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक भरत पटेल के आह्वान पर जिलेभर से आए शिक्षकों ने जिला अध्यक्ष जगदीश चौधरी के नेतृत्व में सामूहिक उपवास एवं धरना-प्रदर्शन किया।
धरना-प्रदर्शन के पश्चात शिक्षकों ने अनाज मंडी, खरगोन से तिरंगा वाहन रैली निकाली। रैली के माध्यम से शिक्षक अनुभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम पवन कुमार वास्केल अतिरिक्त तहसीलदार महोदय को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगों से शासन को अवगत कराया।
दिनेश ठाकुर,संतोष व्यास ने कहा कि मध्यप्रदेश में लंबे समय से सेवाएं दे रहे सेवारत शिक्षकों के बीच TET परीक्षा को लेकर भय का वातावरण बना हुआ है। वर्षों की सेवा एवं अनुभव के बावजूद शिक्षकों को पुनः परीक्षा देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। संघ का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों से TET परीक्षा लेना अन्यायपूर्ण है।
शिक्षकों ने मांग की सेवारत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा की अनिवार्यता समाप्त की जाए। और तमिलनाडु की तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार भी अपने सेवारत शिक्षकों को TET परीक्षा से राहत देने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजे।
इसके साथ ही संघ ने नवीन शिक्षक संवर्ग की प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण का लाभ देने की मांग प्रमुखता से उठाई।
संघ के काशीराम पटेल ने कहा कि शिक्षकों के लिए अनिवार्य अटेंडेंस व्यवस्था लागू कर दी गई है, लेकिन पदोन्नति, क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान से संबंधित आदेश अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। इन लंबित मांगों पर भी शासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।
पुरानी पेंशन योजना के संबंध में संघ ने कहा कि नई पेंशन योजना बाजार आधारित होने के कारण सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं देती। इसलिए शिक्षकों के हित में पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाना आवश्यक है।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उक्त मांगों को लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश है। यदि शासन द्वारा मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो अक्टूबर माह में राजधानी भोपाल में भूख हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।ज्ञापन का वाचन अशोक अरण्डे ने किया।