नीमच। मंदसौर-नीमच-जावरा संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता को रेल मंत्रालय की स्थाई संसदीय समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि समिति के अध्यक्ष के रूप में सांसद गुप्ता को मिले कार्यकाल से संसदीय क्षेत्र के लोगों की रेल सुविधाओं को लेकर अपेक्षाएं बढ़ी हैं। उन्होंने सांसद से क्षेत्र की लंबित रेल संबंधी मांगों को प्राथमिकता से संज्ञान में लेकर उन्हें पूरा कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने की अपेक्षा व्यक्त की।
डॉ. जाजू ने कहा कि संसदीय क्षेत्र के विकास में भारतीय रेल की महत्वपूर्ण भूमिका है। रेल सुविधाओं के विस्तार और नई परियोजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक, कृषि एवं पर्यटन विकास को गति मिल सकती है। उन्होंने रेल विकास के लिए तत्काल एवं दीर्घकालीन, दोनों स्तरों पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता बताई।
तत्काल पूरी होने वाली मांगें-
डॉ. जाजू ने तत्काल राहत के लिए ट्रेनों के विस्तार और विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव सहित कई मांगें रखी हैं। इनमें भिंड-रतलाम ट्रेन का नीमच तक विस्तार, असरवा (अहमदाबाद)-चित्तौड़गढ़ ट्रेन का मंदसौर तक विस्तार तथा इंदौर-जोधपुर ट्रेन का जैसलमेर तक विस्तार शामिल है।
इसके अलावा मंदसौर से चंदेरिया (चित्तौड़गढ़) के बीच शटल ट्रेन शुरू करने, उज्जैन-चित्तौड़गढ़ मेमू ट्रेन का पिपलियामंडी एवं मल्हारगढ़ तक विस्तार तथा इंदौर-असरवा ट्रेन का मल्हारगढ़ और अन्य छोटे स्टेशनों पर ठहराव देने की मांग की गई है।
उन्होंने संसदीय क्षेत्र के स्वीकृत अमृत भारत स्टेशनों पर चल रहे कार्यों को अगले चार माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित करने की मांग की। साथ ही नीमच, मंदसौर और जावरा के नवनिर्मित प्लेटफॉर्मों पर कोच इंडिकेटर लगाने तथा लिफ्ट, एस्केलेटर और फुट ओवरब्रिज जैसी सुविधाओं को शीघ्र पूर्ण कराने की बात कही।
डॉ. जाजू ने मंदसौर से दिल्ली और हरिद्वार के बीच पूर्व की तरह सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने, नयागांव रेलवे फाटक के लंबे समय तक बंद रहने की समस्या का समाधान करने तथा नीमच के बघाना और हिंगोरिया क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज को शीघ्र स्वीकृति दिलाने की मांग भी रखी।
उन्होंने नीमच रेलवे स्टेशन के बाहर यात्रियों के लिए सुलभ शौचालय एवं स्नानघर की सुविधा उपलब्ध कराने तथा इसे पीपीपी मोड पर विकसित करने की दिशा में रेलवे मंत्रालय अथवा नीमच नगर पालिका के माध्यम से कार्रवाई कराने का सुझाव दिया।
दीर्घकालीन रेल परियोजनाओं को मिले स्वीकृति-
डॉ. जाजू ने कहा कि क्षेत्र की दीर्घकालीन रेल परियोजनाओं को भी गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन नई रेल परियोजनाओं के सर्वे स्वीकृत हो चुके हैं और फाइनल सर्वे की प्रक्रिया चल रही है, उन्हें रेल मंत्रालय से स्वीकृति दिलाकर आगामी बजट में आवश्यक प्रावधान कराया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रमुख रूप से नीमच-कोटा रेल परियोजना, नीमच-नंदुरबार रेल परियोजना, जो बांसवाड़ा-दाहोद क्षेत्र से होकर प्रस्तावित है, तथा नीमच को रामगंजमंडी के माध्यम से भोपाल से जोड़ने की परियोजना को आगे बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि खेड़ा रूंद्रा से रामगंजमंडी तक करीब 20 किलोमीटर नई रेल लाइन के प्रस्ताव पर भी रेल मंत्रालय स्तर पर सर्वे कराया जाना चाहिए।
इसके साथ ही मंदसौर-सुवासरा-सीतामऊ तथा मंदसौर-प्रतापगढ़ रेल परियोजनाओं को भी गति देने की मांग की गई है।
नयागांव रेलवे फाटक और रेल ओवरब्रिज पर भी जोर-
डॉ. जाजू ने कहा कि नयागांव रेलवे फाटक राज्य मार्ग पर स्थित है और इसके लंबे समय तक बंद रहने से आमजन को परेशानी होती है। उन्होंने राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
उन्होंने नीमच के बघाना और हिंगोरिया क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज की स्वीकृति जल्द दिलाकर निर्माण कार्य को गति देने की भी मांग की।
वंदे भारत-अमृत भारत ट्रेनों के संचालन का सुझाव-
डॉ. जाजू ने मध्यप्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशन भोपाल और इंदौर को राजस्थान के उदयपुर एवं जयपुर से जोड़ने वाली वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का संचालन शुरू कराने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर और तेज रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
उन्होंने नीमच को रेल यातायात का लॉजिस्टिक हब बनाने के लिए जमुनिया कला और बिसलवास कला रेलवे स्टेशनों के उन्नयन एवं कायाकल्प की आवश्यकता भी बताई।
डॉ. जाजू ने सांसद सुधीर गुप्ता से अपेक्षा व्यक्त की कि वे संसदीय क्षेत्र की रेल संबंधी मांगों को गंभीरता से लेते हुए रेल मंत्रालय के स्तर पर प्रभावी पैरवी करेंगे और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से मंदसौर-नीमच-जावरा क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।