चित्तौड़गढ़। स्थानीय आई.पी.एस. मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा महान फिल्म पार्श्वगायक स्व. महेंद्र कपूर की जन्म तिथि के अवसर पर सभी महान गायकों के पुराने गीतों से सजी एक शाम का आयोजन सोमवार 9, जनवरी को सेंती स्थित विजन कॉलेज के पास जय झूलेलाल रिसॉर्ट में किया गया।
जानकारी देते हुए संस्थान के संस्थापक विजय मलकानी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत में अतिथियों रमेशचन्द्र चंचलानी, प्रबन्धक जय झुलेलाल रिसोर्ट , भाटिया एण्ड कम्पनी के सीईओ राम गुरबानी, कार्यक्रम के अध्यक्ष चित्तौड प्रधान देवेन्द्र कंवर एवं सारिका जायसवाल, पूर्व जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. योगेश व्यास, अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक के संस्थापक एवं सीए डॉ.आई.एम. सेठिया, एवं विमला सेठिया, रिटायर्ड आर्मी ऑफीसर हुकमचन्द शर्मा एवं सतीश शर्मा, संस्थापक विजय मलकानी, संरक्षिका रिटायर्ड डीईओ कल्याणी दीक्षित, संरक्षक जगदीशचन्द्र दशोरा, पदमा दशोरा, फुलवन्तसिंह सलुजा, कार्यक्रम संयोजक एडवोकेट राखी राव, एवं इन्द्रा सुखवाल आदि ने सबसे पूर्व मॉ सरस्वती एवं स्व.महेन्द्र कूपर साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। बाद मे संस्थान के गायिका परविन्दर कोर द्वारा सत्यम शिवम सुन्दरम गीत से मॉ सरस्वती की आराधना की गयी।
इसके बाद संजय कोदली तेरे प्यार की तमन्ना , तथा न जुल्फ से झटकों पानी गीत प्रस्तुत किया गया। वहीं कैलाश लोट द्वारा गर तुम भूला ना दोगे एवं चले थे साथ मिलकर गीत की खुबसुरत प्रस्तुती दी। बाद मे भगवती लाल /परविन्दर कौर ने आदमी मुसाफिर है गीत को हुबहु पेश किया फिर भगवतीलाल ने हम तुमसे जुदा होकर गीत की सुन्दर प्रस्तुती दी तो वहीं बालेश गौड व कंचन ने क्या खूब लगती हो तो वहीं तारो मे सज के गीत को मस्त अन्दाज मे गाकर दृश्को की वाहवाही लुटी , प्रतापगढ से संस्थान के अनिल बन्डी ने पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी पेश किया वहीं परविन्दर कौर के साथ कोरा कागज था मन मेरा को भी बहुत ही सुन्दर अन्दाज मे पेश किया। इधर विरेन्द्र राव ने रूप तेरा मस्ताना और एक रोज मै तडफ कर तो वहीं दिनेश डीके ने शिर्डी वाले साई बाबा गाकर खुब रंग जमाया। इसके बाद भारती गहलोत ने तुम्ही मेरे मन्दिर गाकर दर्शको को भावुक कर दिया। बाद मे कंचन मलानी ने आगे भी जाने न तू गीत को बडे खुबसुरत अन्दाज मे पेश किया। वहीं संस्थान के संस्थापक विजय मलकानी ने अरे दिवानो मुझे पहचानो मै हूं कौन से जबरदस्ती एन्ट्री ली और एक के बाद एक कल्पना गहलोत के साथ देखा है ख्वाब तो सिलसिले हुए, मेरे देश की धरती बाद मे परविन्दर कौर के साथ कितना प्यारा वादा, तथा भारती गहलोत के साथ शायद मेरी शादी का ख्याल निशा के साथ फूल तुम्हे भेजा है खत मे तो कल्पना के साथ अंत मे अच्छा तो हम चलते है गीत गाकर जबरदस्त रंग जमा दिया।
कार्यक्रम मे संगीत प्रेमियों मे राष्ट्र कवि अब्दुल जब्बार, नंदकिशोन निर्झर, बीडी दशोरा, सरिता गोड, सुमन कोदली, मुकेश एवं मुक्ता लोट, निम्बाहेडा से शेरसिंह, खिल्लुमल वरलानी, भगवती प्रसाद पोरवाल एवं मुकेश सपरा, के.के. शर्मा, मनवीरसिंह, प्रवीण गहलोत, संदीप सेठिया, सिम्पल वैष्णव, लक्ष्मण टहलयानी एवं यशोदा टहलयानी आदि कई श्रोतागण मौजुद थे। कार्यक्रम का संचालन आयुषी गहलोत ने किया और श्रोताओ का आभार संस्थापक विजय मलकानी द्वारा व्यक्त किया गया।