नीमच। 7 दिन पहले स्थानीय ग्राम पालसोड़ा में श्रीमद भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव समिति द्वारा श्री भैंसासरी माताजी मंदिर पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को समापन किया गया।
इस मौके परम पूज्य गुरुदेव पंडित गौरव कश्यप कलोरी खुर्द रतलाम ने कथा के सप्तम दिन कहा कि हरि अनंत हरि कथा अनंता यानी भगवान की कथा अनंत है इसे 7 दिन में तो क्या 7 वर्ष में नहीं कहा जा सकता। कथा के दौरान पं कश्यप ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को अक्रूर मथुरा ले जाने आए। 11 वर्ष की उम्र में वृंदावन छोड़ कर मथुरा गए और कुवलिया पीड़ हाथी सल तोशल और कंश मामा का वध किया। भगवान ने 11 वर्ष की उम्र के बाद कभी माखन नहीं खाया, कभी मुरली नहीं बजाई। भगवान ने उसके बाद पूरी उम्र मानव कल्याण को समर्पित किया। भगवान गुरु संदीपनी ऋषि के आश्रम में गए 64 दिनों में सारी विद्याएं प्राप्त की। महाराज ने कहा कि भगवान ने कुब्जा का उद्धार किया। तीन जगह से टेढ़ी कुब्जा को सर्वांग सुंदर बनाया यानी उसके काम क्रोध लोभ की गांठे खोल दी। भगवान तन का नहीं मन का सौंदर्य देते है। शारीरिक सौंदर्य कुछ समय का होता है पर मन का सौंदर्य सदा रहता है।
कथा के समापन पर पोथी यात्रा निकली-
सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा समापन पर माताजी मंदिर कथा स्थल से भव्य पोथी यात्रा गांव के मुख्य मार्गो से होते हुए निकाली गई। जहां पर पोथी की गांव के सभी मंदिरों पर आरती की गई। तत्पश्चात श्री राम बड़ा मंदिर पर पोथी यात्रा का समापन हुआ।
डीजे के भजनों पर युवा नाचते गाते चले-
कथा पूर्णाहुति के पश्चात श्रीमद्भागवत पोथी कथा स्थल से डीजे के भजनों के साथ युवा एवं महिलाएं पुरुष नाचते गाते जयकारा लगाते हुए चल रहे थे। इस अवसर पर युवा वाहिनी की बहनों द्वारा गांव के मुख्य चौराहे पर तलवारों, लट्ठ द्वारा हैरतअंगेज कारनामे दिखाए गए। इस अवसर पर सैकड़ों महिलाएं पुरुष उपस्थित थे।