मंदसौर। गरीबी क्या होती है एक ऐसी कहानी जिसे देखकर आप भी कहेंगे यह सत्य है जिसके साथ बीती है उसे पता चलता है। मंदसौर का साहिल नाम का लड़का जो अपने माता-पिता से दूर रहकर नाना नानी के साथ पला बढ़ा, जिसके नानाजी ने हम्माली करके साहिल को पढ़ाया और बड़ा किया। आज वह पल आ गया जब साहिल एक ऐसे मुकाम पर पहुंच गया जहां पर नाना और नानी की आंखों से वह पल याद आकर आंसुओं में बह गए।
साहिल पिता कैलाश, माता सुशीला बोरीवाल, नाना हरिशंकर, नानी तारा बघेरवाल ने एमबी कम्प्लीट किया। मीडिया को बताया की पिताजी मजदूरी करते हैं। आर्थिक स्थति ठीक नहीं थी इसलिए परिवार के सभी लोगो ने पढ़ाई लिखाई की जिम्मेदारी ली नाना नानी का विशेष योगदान रहा। नानाजी भी ट्रांसपोर्ट पर काम करते थे। 9 साल से मिक्स मॉर्शल आर्ट की विभिन्न विधाए गगन कुरील सर से सीखी और आज उसका परिणाम यह रहा की स्पोर्टस कोटे से इनकम टैक्स विभाग में टेक्स असिस्टेंट के पद पर नियुक्ति हुई हैं।