नीमच। नीमच जिले की सबसे बड़ी महत्वपूर्ण सौगात मेडिकल कॉलेज अपनी कछुआ चाल की निर्माण गति और जिम्मेदारों के उदासीन रवैये के कारण अभी भी मझधार में ही है। मेडिकल कॉलेज की उपलब्धि का श्रेय लेने के लिए कांग्रेस और बीजेपी में होड़ मची हुई है। निर्माण कार्य में इतनी लेटलतीफी के लिए कोई आवाज नहीं उठा रहा है।
समीपस्थ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में भी मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति नीमच के साथ ही हुई थी। लेकिन चित्तोड़ के प्रशासन और जिम्मेदारों की जागरूकता के कारण मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार खड़ा है। जिसका उद्घाटन कार्यक्रम भी तय हो गया है। 10 मई को राजस्थान के सीएम अशोक गेहलोत इसका वर्चुअली उदघाटन करेंगे। हालाँकि चित्तौड़ मेडिकल कॉलेज में शिक्षण कार्य पूर्व में ही शुरू हो चूका है।
लेकिन विडंबना देखिए नीमच की, चित्तौड़गढ़ में कॉलेज शिक्षण कार्य हो चूका है और सीएम उद्घाटन भी कर रहे है लेकिन हम अब भी बिल्डिंग खड़े होने का इंतजार कर रहे है। पहले ही बड़ी मुश्किल हालातों में नीमच जागरण मंच के बैनर तले आंदोलन की रणनीति बनाकर इस कॉलेज की स्वीकृति दिलवाई गई थी। इस बैनर में पत्रकारों के साथ सामाजिक संगठनों ने भी अपना भरपूर योगदान दिया था और नीमच जिले को दो बार बंद रखा गया। नीमच जगरण मंच के बैनर तले समय समय पर हुए आंदोलन और नीमच जिले की साढ़े 8 लाख जनता के मिले समर्थन की आखिर जीत हुई और जिले को मेडिकल कॉलेज की सौगात मिली।
नीमच जिले से हमेशा दुरी बनाए रखने वाले नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद सुधीर गुप्ता जब मेडिकल कॉलेज की सौगात भी मंदसौर लेकर चले गए और मीडिया के नीमच के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रश्न पर जवाब दिया था कि आप लेट हो चुके हैं, देरी हो गई है...। सांसद के इस कथन ने आग में घी का काम किया था।
5 अक्टूबर 2019 को मेडिकल कॉलेज स्वीकृति के लिए नीमच जागरण मंच के बैनर तले नीमच जिला बंद किया गया, जो एतिहासिक सफल रहा। इसके बाद 2 दिसंबर 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ और नीमच जागरण मंच व जिले की जनता के प्रयासों से नीमच को मेडिकल कॉजेल की सौगात मिली। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह फैसला मझधार में ही फंस गया। इसके बाद 02 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के जावद आगमन पर एक बार फिर नीमच जागरण मंच के बैनर तले नीमच जिला बंद किया गया, इसका भी व्यापक असर हुआ। जिसके परिणामस्वरूप 09 नवंबर 2021 को ग्राम कनावटी में नीमच मेडिकल कॉलेज के लिए प्रदेश शासन ने 97 हजार 452 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की। 30 नवंबर 2021 को प्रदेश शासन ने प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज के लिए राशि स्वीकृत की। इसमें नीमच के लिए 255.78 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई। मार्च 2022 में मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य का वर्क ऑर्डर जारी हुआ।
5 अक्टूबर 2019 को मिली स्वीकृति और आज दिनांक तक मेडिकल कॉलेज राजनीतिक झूले में झूलता रह गया। वर्क आर्डर मिलने के एक साल बाद भी धरातल पर कार्य मात्र 50 प्रतिशत हुआ है। जब एक साल में काम आधा ही हुआ है तो सोचिए पूरा कम्पलीट होने में और सुविधाए शुरू होने में कितना वक्त लगेगा। इतनी लेट लतीफी का जिम्मेदार कौन है। जहां जिले को मेडिकल कॉलेज की अत्यंत आवश्यकता है। छोटी सी बीमारी के लिए उदयपुर रैफर कर दिया जाता है तो ऐसे हालातों में कितना जरुरी हो जाता है कि मेडिकल कॉलेज के कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।