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June 18, 2023, 5:28 pm
BIG NEWS : विधानसभा चुनाव-2023, कांग्रेस ने बदला प्रचार का रुख, बीजेपी अब भी मोदी के आसरे, ये स्थानीय मुद्दे बनेंगे रोड़ा, पढ़े कमलेश मांगरिया की खबर    

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नीमच। विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर प्रदेश के दोनों ही दल अपनी अपनी रणनीति के तहत कार्य कर रहे है। जहां कांग्रेस कर्नाटक चुनाव में मिली बड़ी जीत से काफी आत्मविश्वास के साथ प्रदेश में चुनावी बिगुल बजा चुकी है। वहीं भाजपा भी प्रदेश में पुनः सरकार में वापसी के लिए मेहनत कर रही है। लेकिन दोनों ही प्रमुख दलों में एक खासा फर्क इस बार देखा जा रहा है वो यह है कि भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के दम पर चुनाव की तैयारी कर रही है तो कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार पर हावी हो रही है। 

मोदी सरकार के 9 साल पुरे होने पर पुरे देश में कार्यक्रम हो रहे है। केंद्रीय मंत्री से लगाकर स्थानीय सांसद और विधायक अलग-अलग कार्यक्रम कर साथ ही पत्रकार वार्ता कर मोदी सरकार की उपलब्धियां लोगो तक पहुंचा रही है। लेकिन इसका परिणाम कुश ओर ही निकल कर आ रहा है। आमजनों के मन में सवाल उठ रहे है कि ये तो केंद्र का मामला हो गया स्थानीय सरकार ने हमारे लिए क्या किया। 

कुछ दिनों पूर्व नीमच के एक रिसोर्ट में केंद्रीय मंत्री, स्थानीय सांसद और विधायकों ने एक प्रेस वार्ता की थी। जिसमे शीर्ष नेतृत्व का ही बखान हुआ। जैसे ही पत्रकारों ने स्थानीय मुद्दे उठाना शुरू किए सभी नेता प्रेस वार्ता ख़त्म कर चल दिए। शायद स्थानीय मुद्दों के जवाब उनके पास नहीं थे। उनके पास तो केवल उनके आका का फरमान था। जिसे सुनाया और बात ख़त्म। लेकिन क्या हर बार मोदी चेहरे पर ही स्थानीय चुनाव लड़ा जाएगा। जो लोकल नेता है उनका कोई राजनीतिक स्वरूप नहीं है। जो लगातार 2003 से सत्ता में बैठे हुए है उन्होंने ऐसा कोई काम करके नहीं बताया जिस पर वो चुनाव लड़ सके। 

इसके ठीक विपरीत कांग्रेस ने अपने चुनाव लड़ने के तरीके में आमूल चूल परिवर्तन किया है। वो अब केंद्र की मोदी सरकार को नहीं कोस रही है। कांग्रेस के नेताओं के बयान में अब नोटबंदी, जीएसटी और पुलवामा हमला जैसे बड़े मुद्दे गायब है। कांग्रेस की स्ट्रेटेजी अब लोकल इश्यू हो गई है। कांग्रेस अब प्रदेश के जो मुद्दे है उन्हें उठा रही है। जो प्रदेश के गरीब, बेरोजगार, महिलाए, व्यापारी और कर्मचारी चाहता है उसे अपनी मुख्य घोषणा बना रही है। फिर भी अब देखना यह है कि बीजेपी की मजबूत कार्यकर्ता लॉबी और आरएसएस जैसे बड़े संगठन से कांग्रेस कैसे दो दो हाथ कर पाती है।

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