जावरा | मंगलवार को नगर पालिका का सम्मेलन आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पार्षदों ने पानी की समय पर सप्लाई नहीं होने की बात कही, फिर आपस में खींचतान शुरू हो गई। उसके बाद भाजपा के 2 पार्षद सम्मेलन का बहिष्कार करके बाहर निकलने लगे, तो नपा अध्यक्ष ने भी उन्हें कहा कि अब आपको अंदर आने की अनुमति नहीं है।
मंगलवार को नगर पालिका के साधारण सम्मेलन में करीब 14 विषय चर्चा व निर्णय के लिए रखे थे। इसमें कॉलोनियों के नामांतरण प्रकरण भी शामिल थे, जिस पर दोपहर बाद तक निर्णय नहीं हो पाया। शुरुआत में पानी की सप्लाई समय पर नहीं होने पर भाजपा पार्षद इरशाद बाबा की उपाध्यक्ष सुशील कोचट्टा से बहस हो गई। इरशाद बाबा ने कहा कि बार-बार तकनीकी खराबी बताकर पानी सप्लाई नहीं कर रहे हो, ये आपकी विफलता है। इसी बात को भाजपा पार्षद कालू कदम ने भी कहा और बहस बढ़ गई। दोनों सम्मेलन का बहिष्कार कर निकलने लगे। इस पर अध्यक्ष अनम कड़पा ने भी कह दिया अब आपको अंदर आने की अनुमति नहीं रहेगी। सम्मेलन की प्रोसीडिंग पर भी सवाल खड़े हुए। पार्षद शिवेंद्र माथुर ने कहा कि प्रोसेडिंग में मेरा नाम हर किसी विषय में लिख दिया, जो गलत है। इस तरह से दोपहर बाद तक सम्मेलन जारी रहा।
सम्मेलन में पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाने में ही ज्यादातर समय गुजार देते हैं। मीडिया को देखकर पक्ष और विपक्ष दोनों की आवाज और तेज हो जाती है। ऐसे में गंभीर विषयों पर चर्चा होना चाहिए, वह नहीं हो पाती है।