बागली। मध्य प्रदेश में महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। जिस पर करोड़ों रुपए सरकार खर्चे कर रही है, और बच्चों के भविष्य की नीव इस विभाग को माना जाता है। लेकिन आज इस विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों के सिर पर हादसे का खतरा मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है।लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझ रहा है, या फिर कहें कि उन्हें बड़े हादसे का इंतजार है।
हम बात कर रहें हैं महिला बाल विकास परियोजना बागली के अंतर्गत आनेवाले ग्राम कमलापुर में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1 का मामला सामने आया है।जहां पर वर्षों पुराना भवन अब जर्जर हो चुका है, जगह-जगह से प्लास्टर गिरने लगा है। ऐसे जोखिम भरे भवन में आंगनवाड़ी का संचालन किया जा रहा है। यहां पर आने वाले बच्चों के सिर पर हमेशा खतरा मंडराता हुआ दिखाई देता है।लेकिन आज तक जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा है।आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1 पर जानकारी के अनुसार 70 से अधिक बच्चे यहां पर दर्ज है जहां पर बड़ी संख्या में बच्चे प्रतिदिन सुबह केंद्र पर आते हैं, जिनके सिर पर हमेशा खतरे का साया मंडराता हुआ दिखाई देता है।भवन काफी पुराना हो चुका है जगह-जगह भवन की छत में दरारें पड़ चुकी है वह कई जगह से प्लास्टर भी निकल चुका है। ऐसे में कभी भी उक्त भवन का छत का प्लास्टर बच्चों पर गिर सकता है।बारिश का सीजन चल रहा है, ऐसे में यदि लगातार बारिश होती है तो छत गीली होने के कारण और भी अधिक खतरा यहां पर बढ़ सकता है।हाला की सुरक्षा की दृष्टि से आंगनबाड़ी संचालक कार्यकर्ता द्वारा बच्चों को बाहर बिठाया जा रहा है। लेकिन बारिश होने के दौरान बच्चों को मजबूरन अंदर बिठाना पड़ता है। बदहाल स्थिति में आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन हो रहा है।जहां पर मासूम बच्चे बड़ी मुसीबतों के बीच बैठते हैं, जिन पर पर हमेशा खतरा मंडराता हुआ दिखाई देता है, साथ ही उक्त भवन में शौचालय की व्यवस्था ना होने के कारण भी वहां पर काफी परेशानियों का सामना आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को करना पड़ रहा है।.आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा विगत 2 वर्षों से लगातार लिखित में जर्जर आंगनवाड़ी केंद्र भवन की नए भवन की स्वीकृति की मांग को लेकर एवं बदहाली को लेकर जानकारी संबंधित विभाग को दी जा रही है। लेकिन आज तक इस और उचित कार्यवाही नहीं हुई है ना ही नया भवन बन पाया है।वर्तमान भवन की स्थिति को देखते हुए यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को शायद बड़े हादसे का इंतजार है, जिसके बाद ही इस और उचित कदम उठाएंगे।