रायसेन। कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा 23 नवम्बर 2023 को देवउठनी ग्यारस एवं विवाह मुहूर्तो के अवसर पर आयोजित विवाहों में बाल विवाह होने की संभावना के दृष्टिगत जिले के अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में बाल विवाहों की रोकथाम के लिए लाडो अभियान का संचालन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रति जनजागरूकता, बाल विवाहों के दुष्परिणामों के प्रति बालकों एवं उनके अभिभावकों का संवेदीकरण, विवाहों में सेवा देने वाले सेवाप्रदाताओं का उन्मुखीकरण किया जाता है।
महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपक संकत ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं बाल विवाहों की सूचना प्राप्त होने पर रोकथाम के लिए जिले के विकासखण्डों में एसडीएम की अध्यक्षता में विकासखण्ड स्तरीय कोर ग्रुप, उड़नदस्तें गठित किए गए हैं। विकासखण्ड स्तरीय कोर ग्रुप में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, तहसीलदार, परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजनाएं, जनपद सीईओ, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी आदि को शामिल किया गया है।
जिले में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस थाना, परियोजना अधिकारी बाल विकास परियोजना, चाइल्ड लाइन 1098, महिला हेल्पलाइन-181 पर शिकायत की जा सकती है। इसके अतिरिक्त जिले में बाल विवाह की सूचना देने के लिए महिला बाल विकास विभाग कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित कर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
महिला बाल विकास विभाग कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम में 23 नवम्बर को प्रातः 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक संरक्षण अधिकारी दिनेश मालवीय मो न 8770217901 तथा अल्का जैन विधि सह परिवीक्षा अधिकारी मो न 9303205064, दोपहर 02 बजे से रात्रि 10 बजे तक सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार साहू मो न 8349858279 तथा झब्बूलाल राठौर और रात्रि 10 बजे से दिनांक 24 नवम्बर 2023 को प्रातः 06 बजे तक संरक्षण अधिकारी राजा वर्मा मो न 9893290281 तथा अशोक मो न 9285395930 की ड्यूटी लगाई गई है। इन कर्मचारियों के मोबाईल नम्बर पर सम्पर्क कर भी बाल विवाह की सूचना दी जा सकती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपक संकत द्वारा जनसामान्य से आगामी विवाह मुहूर्तो के अवसर पर आयोजित विवाहों में बाल विवाह न करने, बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने एवं बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील जनसामान्य से की गई है।