राजगढ़। कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने जिले में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलनों में निर्धारित आयू पूर्ण करने वाले वर वधु को ही सम्मिलित किए जाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को जारी पत्र में उन्होंने कहा है कि विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होने से राजगढ़ जिले में विभिन्न समाजों/जातियों द्वारा सामूहिक रूप से विवाह सम्मेलनों के आयोजन आगामी माहों में किये जाने हैं। जिनमें बाल विवाह होने की आशंका रहती है।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिले में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन संबंधित अनुविभागीय अधिकारी की पूर्व अनुमति से ही आयोजित होंगे तथा आयोजित सम्मेलनों में विवाह हेतु जोड़ों की सूची विवाह सम्मेलन आयोजित करने वाली समिति से अवश्य प्राप्त की जाएगी। सूची में वर/वधू की आयु का प्रमाण आवश्यक रूप से संलग्न होना जरूरी होगा। साथ ही आयु के प्रमाण का परीक्षण तहसीलदार/ नायब तहसीलदार एवं सीडीपीओ महिला एवं बाल विकास की संयुक्त टीम से कराया जाएगा। यह ध्यान रखा जाएगा कि आयु का निर्धारण अंकसूची से हों, अंकसूची न होने पर स्कूल के स्कॉलर रजिस्टर से अथवा आंगनवाडी कार्यकर्ता के रजिस्टर से किया जाएगा। केवल आधार कार्ड से आयु का निर्धारण नहीं होगा। यदि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम में निर्धारित आयु (18 वर्ष से कम उम्र की बालिका एवं 21 वर्ष से कम उम्र के बालक) से कम आयु के वर/वधू इन सम्मेलनों में शामिल होंगे, तो विवाह सम्मेलन के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी एवं अन्यत्र बाल विवाह होने पर अधिनियम अनुसार कार्यवाही की जाएगी।