शाजापुर। जिले में फिर तेंदुए ने दस्तक दी है। जो यहां एक बछड़े का भी शिकार कर चुका है। इसे लेकर वन विभाग ने भी लोगों से संपर्क कर उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं तेंदुए को पकड़ने के लिए बिरगोद में वन विभाग द्वारा पिंजरा भी लगाया गया है।
दरअसल ग्रामीणों ने वन विभाग को इस बारे में बताया था। जिसकी वास्तवकिता जानने के लिए वन विभाग द्वारा क्षेत्र का दौरा कर पैरों के निशान भी लिए गए थे, जिसके बाद वन विभाग ने भी माना कि यहां तेंदुआ है। जिसके बाद से लगातार वन विभाग द्वारा वहां सर्चिंग की जा रही है। इसके बाद गुरूवार को वन विभाग के डिप्टी रेंजर ललित उपाध्याय, वन रक्षक सचिन पाटीदार, कमलेश सोनी, रेस्क्यू टीम सदस्य हरीश पटेल ने ग्राम बिरगोद में पिंजरा भी लगाया है ताकि उसे पकड़कर अन्य वन क्षेत्र में छोड़ा जा सके।
कर चुका है बछड़े का शिकार-
वन विभाग के मुताबिक तेंदुआ हाल ही में नहीं बल्कि वह पिछले 15 दिनों से जिले में घूम रहा है। इस दौरान उसने बिरगोद के पास ही एक बछड़े का भी शिकार किया था। तो कुछ लोगों ने उसे देखा भी है, जिसकी सूचना वन विभाग को भी दी थी। जिसके बाद से ही विभागीय अधिकारी व कर्मचारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं।
जंगली जानवरों का पसंदीदा क्षेत्र है शाजापुर जिला-
भले ही जिला वन विहिन क्षेत्र हो, लेकिन लगातार उनकी यहां मौजूदगी बताती है कि यह इलाका उन्हें काफी रास आता है। क्योंकि वर्ष 2016 में भी वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद एक शेर को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा था। इसके बाद जिले के कई ग्रामों में तेंदुआ यहां देखा जा चुका है जिसका रेस्क्यू भी वन विभाग ने किया था। इसके अलावा कुछ माह पहले एक मादा तेंदुए को भी उसके शावकों के साथ यहां देखा जा चुका है।
ग्रामीणों को दी सलाह, बरतें सावधानी-
वन विभाग के डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि तेंदुआ होने की पुष्टि हो चुकी है। जिसके चलते ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे वन्य प्राणी को छेड़ें नहीं और रात में अकेले घर से न निकलें। वहीं बच्चो को भी घर से न निकलने दें।