विदिशा। समर्थन मूल्य पर जिले के दो उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी कार्य एक दिसम्बर से शुरू होकर 24 जनवरी 2024 तक जारी रहेगा।
कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य सुव्यवस्थित निर्विघ्न रूप से संपन्न हो इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गौरतलब हो कि विदिशा जिले में एक दिसंबर से धान उपार्जन का कार्य प्रारंभ हो रहा है। जिले के दो उपार्जन केंद्रों पर खरीदी कार्य 19 जनवरी 2024 तक किया जाएगा। धान उपार्जन हेतु पंजीकृत किसानो के द्वारा विक्रय हेतु स्लाट बुकिंग का कार्य शुक्रवार 24 नवंबर 2023 से प्रारंभ होगा।
कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने बताया कि अच्छी औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) के धान का समर्थन मूल्य 2183 रूपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। विदिशा जिले में धान का समर्थन मूल्य पर क्रय करने हेतु नोडल एजेन्सी विपणन सहकारी संस्था मर्यादित के द्वारा किया जाएगा। विदिशा जिले कीं दो तहसीलो में एक-एक उपार्जन केन्द्र संचालित किया जाएगा जिसमें विदिशा तहसील में स्टेट वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन गोदाम मेला परिसर में तथा शमशाबाद तहसील में कृष्णा न्यूट्रीमेंटस 16, महानीम चौराहा शमशाबाद में उपार्जन किया जाएगा।
धान उपार्जन कार्य सप्ताह के पांच दिन प्रातः आठ बजे से सायं आठ बजे तक किया जाएगा। तौल पर्ची सांय छह बजे तक जारी की जाएगी। सप्ताह के शेष दो दिन शनिवार एवं रविवार को शेष स्कंध का परिवहन, भण्डारण व लेखा का मिलान तथा अस्वीकृत स्कंध का अपग्रेडेशन, वापसी का निराकरण किया जाएगा। गोदाम स्तर पर गुणवत्ता परीक्षण में पाए जाने वाले नॉन एफएक्यू स्कंध का भण्डारण उपार्जन समिति द्वारा गोदाम, केप पर नही किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में पंाच दिवस से अधिक गोदाम, केप पर भण्डारण नहीं किया जाएगा। एफएक्यू के अनुरूप उपार्जन का दायित्व संबंधित उपार्जन केन्द्र चलाने वाली संस्था का होगा। कृषको को स्लॉट बुकिंग के माध्यम से नियत उपार्जन केन्द्र, तिथि या दिनांक को ही यथा संभव उपज लाकर तौल कराने की कार्यवाही की जाएगी ताकि केन्द्रो पर अप्रिय स्थिति निर्मित ना हो।
कृषको को अपनी उपज विक्रय के समय उपार्जन केन्द्र प्रभारी को जो दस्तावेंज जमा करने होंगे जिनका मिलान केन्द्र प्रभारी द्वारा किया जाएगा। उनमें जिन दस्तावेंजों की छायाप्रति जमा करनी है तदानुसार आधार कार्ड, बैंक पासबुक, समग्र आईडी, सिकमीदार किसानों के सिकमी अनुबंध, किसान पंजीयन पर्ची का हस्ताक्षरित प्रिन्ट आउट तथा मोबाइल एप से पंजीयन कराने वाले कृषको को खसरा ऋण पुस्तिका की छाया प्रति इत्यादि शामिल है।