खरगोन। भारत सरकार के द्वारा आकांक्षी विकासखण्ड झिरन्या एवं क्षय उन्मुलन कार्यक्रम की समीक्षा की गई। बैठक में भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के केंद्रीय टीबी प्रभाग के सहायक महानिदेशक डॉ रघुराम राव एवं टेक्निकल ऑफिसर सीटीडी शशांक मालविया, एनटीईपी राज्य स्तर से डॉ राहुल श्रीवास्तव डब्ल्यूएचओ कंसल्टेन्ट डॉ संकल्प चौधरी, एसटीएसयू एक्सयपर्ट महेन्द्र पंचोली, तथा जिला स्तर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस सिसोदिया, सिविल सर्जन जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला क्षय अधिकारी डॉ. हर्ष महाजन एवं समस्त जिला नोडल अधिकारी, विकासखण्ड झिरन्या से बीएमओ एवं टीबी विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
दल द्वारा सर्वप्रथम जिला क्षय केन्द्र में बैठक ली गई एवं क्षय कार्यक्रम अंतर्गत जिले द्वारा किये जा रहे कार्याे की सराहना की गई। जिले को टीबी के क्षेत्र में किये गये कार्य में मिले गोल्ड मेडल हेतु प्रशंसा की गई। साथ ही 2025 तक टीबी उन्मुलन हेतु जिले में अभी ओर अधिक मेहनत से कार्य करने की आवश्य कता है जिससे हम देश को टीबी मुक्त कर सके, इस हेतु समस्त आशा, आशा सहयोगी एवं सीएचओ के माध्यम से प्रत्येेक टीबी मरिज के परिवारजनों की एवं आस-पास रहने वाले प्रत्येीक व्यक्ति की स्क्रनिंग करवाई जावे ताक शीघ्र पहचान कर निदान किया जा सके।
इसके पश्चात शहर के निजी होटल में आकांक्षी विकासखण्ड झिरन्या एवं समस्त नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में परिचय उपरांत स्वागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा किया गया। जिले की संक्षिप्त जानकारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष भद्रवाले द्वारा दी गई। भारत सरकार से आये डॉ रघुराम राव द्वारा समीक्षा अंतर्गत कहा गया कि आप आवश्यक मानव संशाधन, उपकरण, आदि की मांग हेतु जिला स्तिर पर समीक्षा कर पीआईपी में अतिरिक्त बजट की मांग करे ताकि राज्य स्तर से स्वीकृति मिल सके। संस्थागत प्रसव शत प्रतिशत, किये जाने हेतु बर्ड वेटिंग रूम निर्माण किये जाने हेतु कहा गया ताकि दुरस्थ क्षेत्र एवं पहुचविहिन क्षेत्र से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के पूर्व ही अस्पताल लाया जा सके। इस हेतु सामाजिक संस्थाटओं का सहयोग लिये जाने हेतु कहा गया, गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रेमास में पंजीयन किये जाने एवं आवश्यक चार जॉच समय से करने हेतु कहा गया। जिले के समस्त विकासखण्डों में प्रतिमाह निर्धारित दिवस पर मासिक बेठकों का आयोजन कर समीक्षा करने के निर्देश दिये गये। साथ ही मातृ मृत्यु का ऑडिट एक माह के भीतर किये जाने हेतु कहा गया। साथ ही उपलब्धा स्वास्थ्य सुविधाओं संबंधित जानकारी ग्रामों के मुख्या स्थानों ग्राम पंचायतों आदि पर प्रदर्शित की जावे एवं आगामी माह में भ्रमण के दौरान विकासखण्ड की स्वास्थ्य संस्थाओं का भ्रमण किया जावेगा।