खरगोन। कसरावद की ग्राम पंचायत हीरापुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें एक आम नागरिक संतोष द्वारा मनरेगा में तलाई एवं शौचालय निर्माण को लेकर जानकारी ली गई। इस पर ग्राम पंचायत हीरापुर के सरपंच पुत्र ने कुछ भी बताना उचित नहीं समझा तो व्यक्ति संतोष ने 181 पर शिकायत दर्ज कर दी। शिकायत से बोखलाए सरपंच पुत्र ने संतोष को शराब पीकर बेट बल्ले से मारने की धमकी दी और शिकायत वापस लेने का प्रेशर डाला।
संतोष ने बताया कि हमने होम लोन निकाला था। एक प्रमाण पत्र लेना था, उसकी एवज में 5000 रिश्वत मांगी गई। सरकार द्वारा जनप्रतिनिधि सरपंच का ही पंचायत की कुर्सी पर बैठना बताया गया है, लेकिन यहां तो सरपंच पुत्र ही अपनी पूरी दादागिरी से सरपंच कुर्सी पर बैठकर ग्राम पंचायत को चला रहा है।
वहीं ग्रामीणों द्वारा सचिव रामेश्वर सावनेर की भी मनमानी और दादागिरी बताई गई है। वहीं किसी योजना के संबंध में ग्रामवासी जब पंचायत जाते हैं तो किसी के भी द्वारा उनको सही जानकारी नहीं दी जाती है एवं डरा धमकाकर भगा दिया जाता है। आज जब प्रधानमंत्री भारत संकल्प यात्रा ग्राम हीरापुर पहुंची तो लोगों का गुस्सा अधिकारियों पर फूट निकला। भारत संकल्प यात्रा का आयोजन ग्राम में होने की पंचायत द्वारा मुनादी भी नहीं कराई गई थी।
इस संबंध में सरपंच पति देवा धाकड़ ने बताया कि पूरे मध्य प्रदेश में ऐसा ही चलता है। जहां महिला जनप्रतिनिधि रहती है वहां पुत्र या पति ही कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं।