नीमच। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो नीमच के अधिकारियों ने गंगरार में चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर 5057 किलो डोडाचूरा जब्त किया है। आरोपी पशु चारे की आड़ में डोडाचूरा सप्लाई करने वाला था। साथ ही 267 नशीली दवाइयां और एक ट्रक भी जब्त किया गया है। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीबीएन नीमच के अधिकारियों ने गंगरार में नशा विरोधी अभियान के तहत कार्रवाई की है। सीबीएन को सूचना मिली थी कि गंगरार के चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा हाईवे पर एक आरोपी ट्रक में डोडाचूरा सप्लाई के लिए लेकर जा रहा है। इस पर टीम ने हाईवे के श्री देवनारायण भोजनालय के पास एक ट्रक को रोका। सूचना पक्की होने के कारण ट्रक की तलाशी ली गई। ट्रक में 120 बैग पशु चारा रखा हुआ था।
सुरक्षा के हिसाब से हाईवे पर ट्रक की अच्छे से तलाशी लेना संभव नहीं था। इसलिए ट्रक को सीबीएन ऑफिस लाया गया। जहां तलाशी लेने पर पशु चारे की आड़ में 267 काले रंग के प्लास्टिक के बैग मिले। जिन्हें निकाल कर देखा तो डोडाचूरा भरा हुआ था। तौल करने पर 5057.300 किलो डोडाचूरा भरा हुआ था। इसमें 55 बेग में 824.200 किलो सीपीएस पद्धति (बिना चीरा लगाया हुआ) का डोडाचूरा भी रखा हुआ था। साथ ही 267 नशीली गोलियां भी बरामद की गई। ट्रक और माल को जब्त करते हुए ट्रक के ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया है।
मंदसौर जिले में भी बड़ी कार्रवाई-
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) चित्तौड़गढ़ के अधिकारियों ने डीएनसी कार्यालय नीमच के सहयोग से मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी थाना अंतर्गत ग्राम धाकड़ी में भी एक मकान पर दबिश दी। यहां टीम ने 57 प्लास्टिक थैलियों में भरा कुल 1131.900 किलोग्राम डोडा-पोस्त बरामद किया। शुरुआत में घर के मालिक ने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की, लेकिन सीबीएन के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया। उक्त आरोपित के विरूद्ध भी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
वहीं डीएनसी नीमच डॉ. संजय कुमार ने सोमवार को मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि वर्ष 2023 में सीबीएन की एमपी यूनिट ने 116 कार्रवाई कर 70 टन मादक पदार्थ और 1 करोड़ रूपये नकद जब्त किए हैं। इन कार्रवाईयों में 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीएनसी ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत वर्ष 2024 में भी कार्रवाई जारी है। ऑपरेशन प्रहार के तहत देश के अरूणाचल प्रदेश और मणिपुर में एमपी यूनिट ने कार्रवाई करते हुए 10326 हेक्टेयर में फैली अफीम की अवैध खेती को नष्ट कराया है। इस कार्य में सीआरपीएफ, वन विभाग, स्थानीय पुलिस को सहयोग लिया गया। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी अवैध गांजे की खेती को नष्ट कराया गया है। यहां 1124 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही थी।