नीमच। शहर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था ज्ञानोदय महाविद्यालय में आज स्वामी विवेकानंद जी की 161 वीं जयंती मनाई गई! कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्या अर्पण कर दीप प्रज्वलित कर शुरुआत की गई! राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर संस्थान की निर्देशिका डॉ.माधुरी चौरसिया ने अपने स्वागत उद्बोधन मैं कहां की विवेकानंद जी ने कहा था गर्व से कहो हम भारतीय हैं ,जिस तरह फल की टोकरियों में अनेक फल होते हैं उसी तरह भारत में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर अलग-अलग धर्म जाति पंथ के लोग रहते हैं वे सभी भारत के रहने वाले भारतीय है। ज्ञानोदय इंटरनेशनल विद्यालय की डायरेक्टर डॉ.गरिमा चौरसिया ने सभी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि अच्छे विचार सशक्त होते हैं विचारों से समाज में परिवर्तन होता है। देश का भविष्य युवा ही बदल सकता है देश को नहीं ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं सभी विद्यार्थियों को योग पर ध्यान देते हुए समाज एवं मानवता के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।! इस अवसर पर विज्ञान संकाय के विभागध्यक्ष डॉ.चंचल पांचाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम स्वामी विवेकानंद जी को एक साधु,दर्शानिक,तर्क संगत विचारक,प्रभावशाली व्यक्तित्व, आध्यात्मिक एवं धार्मिक नेता के रूप में याद करते हैं लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि विवेकानंद जी को महान वैज्ञानिक ज्ञान भी था! विद्यार्थियों ने भी स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी पर प्रकाश डाला । कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन बालकवि बैरागी महाविद्यालय के उप्राचार्यप्रो.हेमंत प्रजापति ने दिया।कार्यक्रम का सटीक एवं ओजस्वी संचालन डॉ.रति मिश्रा एवं आभार प्रकट ज्ञानोदय इंस्टीट्यूट आफ प्रोफेशनल स्टडी के प्राचार्य सुरेंद्र पांडे ने किया! इस अवसर पर आईटीआई के प्राचार्य एच.एस.राठोर,नसिंग के प्राचार्य डॉ.दिनेश पाटीदार,प्रभारी प्राचार्य डॉ विनीता डावर, समस्त विभागध्यक्ष,समस्त प्राध्यापक आदि उपस्थित थे! उक्त जानकारी प्रो.अनूप चौधरी ने दी।