जीरन। प्राचीन भारतीय परम्परा अनुसार मालवा मेवाड के प्रसिद्ध अखाड़ा तुर्रा कलंगी के खेल का महत्व समय अनुसार अपनी पहचान कलाकारों के अभाव में विलुप्त होता जा रहा हैं। इस कला को फिर से अखाड़ा तुर्रा मंडल के तत्वाधान में महान धार्मिक खेल श्री कृष्ण लीला का आयोजन दिनांक 16 जनवरी 2024 को रात्रि 08 बजे से नीमचौक जीरन में अखाड़ा तुर्रा के उस्ताद स्वर्गीय बाबूलाल भट्ट की स्मृति में श्रद्धांजलि के रूप में खेल का मंचन विभिन्न राज रागिनियो में स्थानीय एवं बाहर के कलाकारों द्वारा मंचन किया जाएगा। शहनाई की मधुर गुंज एवं ढोलक की थाप पर माड कुचामनी, झाड़ शाही लावणी के साथ बाहर से आए डांसर द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। इस परंपरागत कला जो कि आज के समय में अपनी पहचान खोने की कगार पर हैं उसको जीवित रखने का कार्य उस्ताद स्वर्गीय बाबूलाल भट्ट द्वारा उनके जीवन में किया गया था। उनकी स्मृति में इस खेल का आयोजन परिवारजनों व खिलाड़ियों द्वारा किया जा रहा हैं। अखाड़ा तुर्रा मंडल जीरन ने सभी धर्म प्रेमी एवं खेल प्रेमी जनता से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में पधार कर खेल का आनंद ले।