चित्तौड़गढ़। आईपीएस मेमोरियल फाउंडेशन द्वारा स्वर कोकिला स्व लता मंगेशकर की पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित पुराने मधुर गीतों से सजी एक शाम में संस्थान के लगभग एक दर्जन कलाकारों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियां द्वारा ऐसा रंग जमाया कि कई बार हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
जानकारी देते हुए संस्थान के कार्यक्रम संयोजक अधिवक्ता संदीप सेठिया एवं महेंद्र शर्मा ने बताया कि जय झूलेलाल मैरिज गार्डन एवं रिसॉर्ट में आईपीएस मेमोरियल फाउंडेशन के संस्थापक विजय मलकानी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं लता मंगेशकर के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अवंतिका इंफ्रा पावर लिमिटेड के डायरेक्टर राम गोपाल जायसवाल, कार्यक्रम के अध्यक्ष रिसॉर्ट प्रबंधक रमेश चन्द्र चंचलानी, विशिष्ट अतिथि पूर्व आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ योगेश चन्द्र व्यास, रिटायर्ड डीईओ कल्याणी दीक्षित, समाज सेविका सतीश शर्मा, जन चेतना मंच के प्रदेश प्रभारी हेमंत जैन, रिटायर्ड शिक्षाविद जगदीश चन्द्र दशोरा, पन्ना महिला समिति की अध्यक्षा पद्मा दशोरा, व्यवसायी फुलवंत सिंह सलूजा, कविराज अब्दुल जब्बार, कविराज नंद किशोर निर्जर, रिटायर्ड रेल्वे अधिकारी कैलाश चन्द्र लोठ, डॉ भास्कर गोयल ने विधवत दीप प्रज्वलन किया।
संस्थान की आयुशी गहलोत ने अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम प्रार्थना से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद खुशी रानावत ने तुझसे नाराज नहीं जिंदगी गीत से सुरीले अंदाज में धमाकेदार प्रस्तुति दी। फिर संस्थान की गायत्री व्यास द्वारा लता जी के सबसे प्रसिद्ध गीत ए मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी को बेहद सुरीले अंदाज में पेश किये। इसके ठीक बाद ग्रुप के संजय कोदली ने लता जी का सुपर हिट गीत अजी रूठ कर अब कहा जाइएगा को खूबसूरत अंदाज में पेश किया। ततपश्चात संस्थान के संस्थापक ने बदन पे सितारे लपेटे हुए से जबरदस्त एंट्री ली। फिर विजय मलकानी और कल्पना गहलोत ने कोरा कागज था मन मेरा को बखूबी पेश किया। वहीं परविंदर कौर और विजय मलकानी ने गुनगुना रहे है भँवर, तो वहीं विजय मलकानी ने भारती गहलोत के साथ एक तेरा साथ हमको और निशा कोशिक के साथ तुम्हारी नजर क्यों ख़फ़ा हो गई गाकर जबरदस्त रंग जमाया। फिर बालेश गौड ने वादियां तेरा दामन, तो कैलाश चन्द्र लोठ ने जन्म जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा को बेहतरीन अंदाज में पेश किया। फिर महेंद्र शर्मा और परविंदर कौर ने तेरी रब ने बना दी जोड़ी, तो विजय मलकानी ने निशा के साथ यूँही तुम मुझसे बात करती हो, कल्पना के साथ तुमको मेरे दिल ने पुकारा है और भारती गहलोत के साथ आजा सनम मधुर चांदनी में हम की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। इसके बाद संजय ने ये दिल तुम बिन लगता नहीं, बालेश ने चंदन सा बदन, तो परविंदर ने जा रे जा हरजाई, वहीं निशा ने बिछड़े अभी तो हम कल परसों, तो कल्पना ने दिल दीवाना बिन सजना के माने ना और भारती गहलोत ने सायोनारा सायोनारा गाकर, तो ललिता राठौर ने अयोध्या पर श्री राम की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में शहर के सेंकड़ों संगीत प्रेमी एवं प्रबुद्ध लोग अधिवक्ता भूपेंद्र दक, अर्चना शर्मा, हेमंत जैन, राजेन्द्र शर्मा, मनोहर ग्वालानी, महेश व्यास, प्रवीन गहलोत अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भारती गहलोत ने किया।