नीमच। शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी अशोक अरोरा गंगानगर पर रविवार को जानलेवा हमला हुआ है। उन पर हुए ये कायराना हमले के बाद शहर की शांत फिजा में अशांति फैल गई। दिनदहाड़े हुई गोली चलने की इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हैं। वहीं घटना के बाद से ही लोगों में डर का माहौल दिखाई दिया।
बता दें कि नीमच के प्रसिद्ध समाजसेवी अशोक अरोरा रविवार शाम करीब 4.30 बजे अपने जैन भवन रोड स्थित ऑफिस से निकले थे। वे कार में सवार होकर ग्राम लेवड़ा स्थित आश्रम जा रहे थे। इसी दौरान लायंस पार्क के समीप रांग साइड से आ रही क्रेटा कार क्रं. एमपी 44 सीबी 2430 में सवार अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। अचानक चली गोली के बाद उनके साथ चल रहे सुरक्षा गार्ड अलर्ट हुए और अशोक अरोरा को सुरक्षित वहां से निकाला। बताया जा रहा है कि इस घटना में तीन हमलावर शामिल थे। जिनमें से एक हमलावर गोली लगने से मौके पर ही ढेर हो गया। जबकि दो अन्य हमलावर क्रेटा कार छोड़कर मौके से फरार हो गए।
इंदौर से आया था हमलावर बाबू फकीर-
मिली जानकारी के अनुसार शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी और महामाया भादवा माता के भक्त अशोक अरोरा पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी बाबू फकीर उर्फ मजहर पिता नूर मोहम्मद शाह फकीर उम्र 40 निवासी नयापुरा, थाना रूणजी, गौतमपुरा तहसील देपालपुर जिला इंदौर है। उक्त घटना में इस हमलावर की मौत हो चुकी है। ये शूटर मंदसौर के अनिल त्रिवेदी व कोमल सिंह हत्याकांड में भी शामिल रहा है। बाबू फकीर कुछ दिनों पहले ही जेल से जमानत पर छूटकर बाहर आया था। ये हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, बंदूक और तलवार बरामद की है।
महामाया के आशीर्वाद से बची जान-
इस हमले में समाजसेवी अशोक अरोरा की महामाया भादवा माता के आशीर्वाद से बाल-बाल जान बची है। हमलावरों द्वारा चलाई गई गोलियों में से एक गोली अरोरा के कंधे को छूती हुई निकली। जबकि उनकी सुरक्षा में तैनात गार्ड जरूर इस घटना में घायल हुए हैं। जिन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद समाजसेवी अरोरा को छुट्टी दे दी गई। जबकि सुरक्षा गार्डों का उपचार जारी है।
शहर में आग की तरह फैली सूचना-
शहर में गोली चलने की इस घटना की सूचना आग की तरह फैली। समाजसेवी अशोक अरोरा पर हुए इस कायरना हमले के बाद घटनास्थल, जिला अस्पताल और उनके बंगले के बाहर उनके चाहने वालों की भीड़ उमड़ गई। शहर के प्रत्येक नागरिक ने नीमच की शांत फिजां में जहर घोलने वाली इस घटना के बाद पुलिस को आड़े हाथों लिया और उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस दे रही कई स्थानों पर दबिश-
इस पूरे मामले में एसपी अतिम तोलानी ने कहा कि घटनास्थल का मौका निरीक्षण किया था। इस घटना में एक हमलावर की मौत हुई है। जिसकी शिनाख्त इंदौर निवासी के रूप में हुई है। अन्य दो आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें विभिन्न जिलों में दबिश दे रही है। जल्द ही अन्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।