नीमच। जिले के मनासा तहसील के समीपस्थ चंबल के किनारे गांव खानखेड़ी में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा व्यासपीठ से कथा व्यास पं मदनलाल नागदा भागवत धाम मालवा ऊंचेड वाले के मुखारविंद से प्रवाहित हो रही हैं।
भागवत कथा के छटे दिवस पर बाल लीलाओं के साथ विस्तार से व्यास जी ने परमात्मा की लीलाओं पर प्रकाश डाला और गोपियों के संग प्रभू ने महारास की दिव्य छवि का दर्शन कर भगवान का मथुरा गमन पर बृज छोड़ मथुरा चले भजन पर सभी भावुक हो गए। भक्तो की आंखों से करुणामय आंसू की बूंद गिरने लगी। फिर उद्धव चरित्र, के साथ ही उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में संदीपनी ऋषि के यहां श्रीकृष्ण विद्या अध्ययन पूर्ण हुआ तत्पशात भगवान का विवाह हुआ रुक्मणि विदाई पर माताओं बहनों ने भाव विभोर होते हुए रुक्मणि जी को विदाई दी। कथा के प्रसंग के दौरान कथा के आयोजन कर्ता शिवप्रसाद पुरोहित एवं पुरोहित परिवार भावुक हो गए। कथा श्रवण करने आए हुए श्रद्धालुओं अपर्णा पहनाकर सम्मान किया।
कथा में विशेष अतिथि के रूप पं राजकुमार नवलपुरा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि महेश नागदा कानाखेड़ा, रामबाबू नागदा बिसलावास सोनिगरा, जमनालाल पाटीदार भाटखेड़ी, मनोहर नागदा मनासा, विष्णु नागदा मनासा के साथ सभी ने मंगलमय आरती के साथ नाचते हुए भक्तो ने लाभ लिया। पधारे हुए सभी अतिथियों का आयोजक पुरोहित परिवार की ओर से सभी अतिथियों का सम्मान किया गया।