चित्तौड़गढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रताप नगर सेवा केंद्र पर शुक्रवार को अव्यक्त बापदादा मिलन समारोह आयोजित किया गया। जिसके तहत बीके आशा दीदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मन के साथ-साथ बुद्धि भी आत्मा की शक्ति है और बुद्धि का भी सकारात्मक परिवर्तन अनिवार्य है। बुद्धि निर्णय करती हैं कई बार हम निर्णय ठीक ना कर पाने के कारण पुरानी मान्यताओं की आड़ में गलतियां को ढोते रहते हैं पर नहीं समय अनुसार हमें बदलना चाहिए। एक ने कुछ गलत किया तो हमें समा लेना चाहिए और अपने में पॉजिटिव चेंज लाना चाहिए। दूसरों को गलत करते देखा खुद गलती ना करें दूसरों की गलती दिखाई देती है पर मैं भी गलत कर रही हूं कई बार वह दिखाई नहीं देती। मान लो एक गलत बोल रहा है उसके संग के रंग में हम भी गलत बोलते हैं तो यह कुछ संग का रंग हो गया। यदि कोई गलत कर रहा है तो हम राइट रहे उसके प्रभाव में ना आए प्रभाव में आने के कारण अलबेले हो जाते हैं। हमने एक जिम्मेदारी उठाई फिर हम राइट मार्ग पर रहेंगे ऐसा निर्णय हर कोई ले तो विश्व परिवर्तन हो जाएगा। परिवर्तन का आधार हमारे विचार है, जैसा सोचोगे वैसा बनोगे इसीलिए परमपिता परमात्मा हमारे विचारों को बदलते हैं। विचारों को बदलने के लिए वह हमें नए और ऊंचे विचार देते हैं जैसे कांटे को कांटा निकलता है इसी प्रकार से पुराने विचारों को नए विचारों के द्वारा बदला जा सकता है। परमात्मा पिता द्वारा दिया गया ज्ञान अर्थात मुरलिया यह सब श्रेष्ठ विचार ही तो है। इन विचारों के आधार पर परमात्मा पिता ने हमें सिखाया कि मैं एक आत्मा हूं मैं आत्मा ज्योति बिंदु हूं। पहले हमारा विचार क्या था मैं शरीर हूं स्त्री हूं पुरुष हूं किस देश का रहने वाला हूं। अब हमें बाबा ने सिखाया कि मैं निराकार हूं परमधाम का वासी हूं न नारी न पुरुष हूं ज्योति बिंदु आत्मा हूं तो गलत विचारों को निकालने के लिए परमात्मा ने हमें यह श्रेष्ठ विचार दिए। जिस विचार से काम बिगड़ गए संसार खराब हुआ जब तक उन विचारों को निकलेंगे नहीं तब तक संसार अच्छा कैसे बनेगा। बाबा ने जो श्रेष्ठ विचार दिए उसी को हम ज्ञान कहते हैं, अभी तक हम केवल लौकिक पिता को अपना पिता मानते थे लेकिन अब बाबा ने परमात्मा ने हमें समझाया की आत्मा का सच्चा और अविनाशी पिता तो परमात्मा है। परमात्मा ने आकर के नए विचार दिए जिसको पकड़ के हमारे कर्म बदल गए और हमारा जीवन सुख में बन गया है। कार्यक्रम के समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया। इस कार्यक्रम में बीके अनिता बहन मधु बहन बालकिशन भाई सुभाष पुरोहित मंजू मेहता अनीता पाल रितु अग्रवाल आदि भाई-बहन उपस्थित रहे।