सरवानियां महाराज। मंदिर मार्गी जैन गुरु प्रसन्न सागरजी महाराज का एक व्याख्यान मंदसौर के ग्राम बुढ़ा निवासी राहुल पिता अशोक रणावत (जैन) को ऐसा लग गया कि अब राहुल राणावत जैन संत बनेगे।
गुजरात के अयोध्यापुरम शहर में जैन संत प्रसन्न सागरजी महाराज कि निश्रा में राहुल रणावत दीक्षा लेकर जैन संत बन कर चिरकाल की भक्ति के मार्ग पर चल पड़ेंगे।
राहुल रणावत के पिता अशोक कुमार रणावत और मां सुनीता देवी रणावत का कद समाज में पुत्र राहुल रणावत के इस निर्णय से उंचा हो गया। 29 वर्षीय राहुल रणावत मुंबई की एक आयल कंपनी में कार्यरत थे और एक दिन बाद दुबई जाना था लेकिन एक दिन पहले दीक्षा का फैसला कर लिया।
सरवानियां में बहुमान कर, पखारे पांव-
वैराग्य धारण करने वाले राहुल रणावत जब कास्या राजस्थान से सिंगोली के रास्ते सरवानियां महाराज पहुंचे तो प्रकाशचंद्र जैन नपावलिया (चौधरी) ने अपने परिवार में दीक्षार्थी राहुल रणावत का बहुमान कर पांव पखारे। इस दौरान अनिल नपावलिया, सुशील नपावलिया, राजेश नपावलिया, सुशील मारु, दिनेश वीरवाल, नमन जैन, अर्जुन बाफना सहित राहुल रणावत के पिता अशोक कुमार रणावत, माता सुनीता देवी रणावत व परिजन उपस्थित थे।