चित्तौड़गढ़। आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि के मुखारविन्द से शनिवार को पहले से तय शुदा दो दीक्षाओ के बजाय तीन दिक्षाऐ राम गुरू के गगनभेदी जयकारो के साथ कृषि उपज मण्डी समिति प्रांगण निम्बाहेड़ा में पुर्ण हो गई। दिक्षा उपरांत सिरपुर महाराष्ट्र की मुमुक्षु नेहा राखेचा बनी रामनेहा श्रीजी, रतलाम की मुमुक्षु बहन चहेती मुणोत बनी साध्वी रामचर्या श्रीजी एवं गुप्त दिक्षा के रूप में चैन्नाई की मुमुक्षा नेहा काकरिया बनी साध्वी रामनेना श्रीजी जी मासा आपको बतादे आचार्य श्री रामेश व उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि ने शनिवार को प्रातः साढे नो प्रवचन उपरांत कृषि उपज मंडी समिति में आयोजित विशाल दिक्षा समारोह में मुमुक्षु बहन नेहा राखेचा, नेहा काकरिया एवं चहेती मुणोत को मेवाड, मालवा एवं मारवाड के हजारो श्रद्वालुओं एवं चतुर्विद संघ की उपस्थिति में विधिवत तरीके से जैन भागवती दीक्षा प्रदान कर मुमुक्षु नेहा राखेचा को रामनेहा श्रीजी, मुमुक्षु बहन चहेती मुणोत को साध्वी रामचर्या श्रीजी एवं गुप्त दिक्षा के रूप में मुमुक्षा नेहा काकरिया को साध्वी रामनेना श्रीजी के नाम से नया नामकरण किया तो खचा खच भरा पूरा पांडाल हर्ष हर्ष जय जय, आचार्य श्री रामेश व दीक्षार्थी बहिनों के जयकारो से गुंजायमान हो उठा वही महिलाओ ने जयवंता जयवन्ता आज हमारो मन जयवन्ता गीत से गुंजायमान कर दिया हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने को आतुर दिखाई दिया। इस अवसर पर आचार्य श्री रामेश ने कहा कि मन वांछित कामना पूर्ण होने प्रसन्नता होती है वही प्रसन्नता ओर दृडता तीनो ही मुमुक्षु बहनो के चेहरे पर देखनो को मिल रही हे उन्होने कहा कि इन्सान अकेला आता हे और अकेला ही जाना पडता है। उसके पूण्य कर्म ही उसके साथ जाते है। आखें बंद होने पर अपने भी पराये हो जाते है अपने जीवन में मोह जितना कम होगा हमारी आत्मा उतनी ही सरल बनेगी ओर सरल आत्मा ही संयम पथ पर आरूढ होकर अपनी आत्मा के कल्याण का मार्ग अपना कर अपनी आत्मा को परमात्मा बनाने की दिशा में अग्रसर हो जाऐगी। संयमशील आत्माओं को यह बात सदैव दृडता से याद रखनी चाहिये कि जिस उद्वेश्य से सयंम मार्ग चुना है उस लक्ष्य को प्राप्त करने तक दृडता से आगे बढते रहे तो वह दिन दूर नही की वही संयमी आत्मा महात्मा से परमात्मा बन जाऐगी। आज हुई तीन दिक्षाओं के साथ ही आचार्य श्री रामेश के मुखार्विन्द से 389 दिक्षा पूर्ण हो चूकी है।
चोतरफा दिखाई दी जन मेदनी
दीक्षा प्रसंग की स्वीकृति के साथ ही दूर दराज के संघों सहित मेवाड़ , मारवाड़ ,मालवा के संघों के आने की सूचना के साथ ही स्थानिय संघ द्वारा वृहत स्तर पर की जा रही व्यवस्थाए शनिवार को मूर्त रूप में देखने को मिली जब हजारों की तादाद में श्रावक श्राविका मण्डल दीक्षा प्रसंग पर दीक्षा स्थली कृषि उपज मंडी समिति में पहुंचे, सुबह सात बजे से ही हर गली हर रास्ते में महिलाओ, पुरुषों व बच्चों का रेला दीक्षा स्थल की तरफ ही जाता दिखाई दिया कोई दो पहिया तो कोई चो पहिया वाहन से तो कोई पैदल ही दोडता दिखाई दिया हर कोई ऐसा अनमोल क्षण अपने हाथो से गवाना नही चाहता था।
सहयोग के लिए किया आभार प्रकट किया
संघ प्रवक्ता दिलीप बक्षी ने बताया की संघ अध्यक्ष रतन लाल पोरवाल ने उक्त दीक्षा प्रसंग के निमित सकल जैन संघ सहित स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका, कृषि मंडी प्रशासन, मंडी व्यापार संघ व हम्माल संघ व पुलिस प्रशासन व अन्य सभी का जिन्होंने उक्त आयोजन में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दिया का आभार प्रकट करते हुए भविष्य में ऐसे ही धार्मिक आयोजन में इसी तरह का सहयोग बनाए रखने का निवेदन किया है।
समता भवन में होगें प्रवचन
संघ मन्त्री सुशील नागोरी ने जानकारी देते हुऐ बताया कि रविवार को आचार्य भगवन के प्रवचन रूपी अमृत देशना समता भवन में होना सम्भावित है। साथ ही महत्तम महोत्सव के तहत पहली महत्त्तम समता शाखा का आयोजन भी समता भवन में आचार्य श्री एवं संत सतियों के सानिध्य में आदर्श कॉलोनी स्थित समता भवन में ही होगें महत्तम महोत्सव मेरा महोत्सव के तहत 21 फरवरी को 500 एकासन व सामायिक का लक्ष्य रखा गया जिसमें सहभागिता निभाने के लिये उन्होने साधुमार्गी के जैन संघ सहित सकल जैन संघ से आग्रह किया है साथ ही जब तक आचार्य भगवन संत सतियो सहित नगर में बिराजे तब तक सभी सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में संत सतियों की सेवा में उपस्थित होकर अधिक से अधिक धर्म आराधना करने का लक्ष्य रखे।
बडी दिक्षा निकुम्भ में व स्वाध्याय शिविर चित्तौडगढ में
आचार्य श्री रामेश ने सभी नव दिक्षित साध्वीवर्याओं की बडी दिक्षा सभी आगारो सहित निकुम्भ में करने के लिये स्वीकृत प्रदान की है। वही दिनांक 10 मई से 26 मई तक बालक बालिकाओं के लिये स्वाध्याय संस्कार शिविर चित्तौडगढ में करने हेतु स्वीकृति प्रदान की है।