नीमच। जिले के नजदीक का गांव रेवली देवली किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस गांव में हमेशा ही अजीबोगरीब वाकयात होते रहते हैं। कल भी इस गांव में एक गजब का वाक्यात हुआ, जिसे देखने वाले देखते ही रह गए। हुआ यूं कि कल गांव रेवली देवली के इतिहास में पहली बार दो बारात पहुंची। वह भी किसी इंसान की नहीं बल्कि स्वयं लीलाधर चारभुजा नाथ की थी। कल पूरे गांव रेवली देवली में उत्साह का वातावरण था तथा बाराती 100, 200 नहीं बल्कि हजारों की तादाद में शामिल थे। महिला पुरुष और बच्चों ने उत्साह के साथ चारभुजा नाथ की शादी में भाग लिया।
बड़ा मोहल्ला रेवली देवली के चारभुजा नाथ मंदिर एवं राजस्थान के मरजीवी गांव से रेवली देवली में बारात पहुंची तथा बड़े ही उत्सव उमंग के साथ पूरे गांव में बगी में विराजे चारभुजा नाथ और पीछे-पीछे हजारों बराती और आगे आगे ढोल की थाप एवं बैंड की धुन पर बाराती नाचते हुए तुलसा माता से विवाह संपन्न कराने के लिए बद्री लाल नागदा के घर पहुंचे। जहां पर सभी बारातियों का भव्य स्वागत किया गया तथा सभी का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। बाद में पूरे विधि विधान से शादी की गई तथा विवाह को पंडित विष्णु प्रसाद शर्मा एवं आचार्य अनिल शास्त्री ने संपन्न कराया।
चारभुजा नाथ के पुजारी मुकेश नागेश नागदा एवं आशीष नागदा ने बताया कि यह रेवली देवली के लिए गौरव का पल था कि आज यहां एक नहीं दो दो बारात आई है तथा वह भी स्वयं चारभुजा के नाथ की है तथा सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आज इस गांव में किसी अन्य की शादी भी नहीं है और दोनों ही बारात भगवान की है।