नीमच। शहर के मध्य स्थित बगीचा नंबर 8 ए की भूमि हमेशा से ही विवादों में रही है। बगीचा नंबर 8 ए की भूमि मात्र एक वर्ष के लिए लीज पर दी गई थी और उसके बाद से उक्त भूमि पर लीजधारी द्वारा कब्जा कर लिया गया और भूमि को पुनः नगरपालिका को नहीं सौंपा। भूमि का लीज नवीनीकरण नहीं हुआ और नगरपालिका ने भी भूमि पर कब्जा लेना उचित नहीं समझा। जैसे जैसे जमीनों की कीमत बढ़ती गई वैसे वैसे भूमाफियाओं की नजर इस जमीन पर पड़ती गई। लीज समाप्त हो जाने के बावजूद नीमच नगरपालिका द्वारा जमीन का कब्जा नहीं लिया गया। कुछ जमीन खाली पड़ी रही और कुछ ज़मीन पर कब्जाधारी द्वारा निर्माण कर लिया गया। लीज समाप्त होने के बावजूद इस भूमि की रजिस्ट्री कुछ लोगों को कर दी गई और नगरपालिका मुक दर्शक बनी रही।
बंगला बगीचा संघर्ष समिति के संयोजक अमित शर्मा ने बताया कि नीमच नगर पालिका को नियमानुसार तो उक्त रजिस्ट्रियों को निरस्तीकरण करवाने की कार्रवाई करवानी चाहिए थी, परंतु नगर पालिका में बैठे अधिकारी कर्मचारी कहीं ना कहीं भू माफियाओं के हाथ की कठपुतली बनते नजर आ रहे हैं। ऐसा बताते हैं कि नीमच नगर पालिका द्वारा जब बगीचा नंबर 8 ए की भूमि रिक्त पड़ी थी तब लगभग पांच बार नगर पालिका के स्वामित्व के बोर्ड इस भूमि पर लगाये, परंतु भू माफियाओं द्वारा वह बोर्ड भी हटा दिए गए। कुछ समय तक भूमि रिक्त पड़ी थी जिस पर आज कुछ लोगों द्वारा वर्ष 2006 में कराई गई रजिस्ट्री के आधार पर बाउंड्री बना कब्जा कर लिया गया।
बंगला बगीचा संघर्ष समिति के संयोजक अमित शर्मा ने बताया कि लीज समाप्त होने और बगीचा नंबर 8 ए की भूमि की नियम विरुद्ध तरीके से रजिस्ट्री होने की शिकायत भी कुछ लोगों द्वारा आर्थिक अपराध शाखा से लेकर जिला प्रशासन तक की गई। मामला मध्य प्रदेश शासन तक भी पहुंचा। परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी जैसी मर्जी पड़ी वह नगर पालिका के स्वामित्व की भूमि को औने पौने दामों पर खरीदता बेचता रहा।
अभिभाषक शर्मा की मानें तो कुछ लोगों द्वारा भूमि का नामांतरण करवाने का प्रयास भी किया गया और वर्तमान में व्यवस्थापन नियम लागू होने के बाद भूमि का व्यवस्थापन करने का प्रयास भी किया जा रहा है, परंतु बड़ा प्रश्न यह है कि जो भूमि लीज समाप्त होने के पश्चात नगर पालिका के स्वामित्व में आनी थी वह भूमि आज कई भूमाफियाओं के हाथ में आ चुकी है, जिससे नीमच नगर पालिका को करोड़ों अरबों रुपए की आर्थिक हानि हुई है। बावजूद इसके नीमच नगर पालिका मैं बैठे जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौन हैं।
मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में भी कुछ माफिया की नजर रिक्त पड़ी इस भूमि पर पड़ चुकी है और वह भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे आसपास व्यापार करने वाले व्यापारियों में काफी रोष व्याप्त है एवं वह कल जिला कलेक्टर महोदय से मिलकर इस संबंध में ज्ञापन सौंपने वाले हैं।