चित्तौड़गढ़। ओम तत्सत् पारमार्थिक संस्था और गुर्जर गौड़ वर वधु संगठन चित्तौड़गढ़ द्वारा आयोजित विशाल सनातन संस्कार शिविर के चतुर्थ दिवस पर बटुको को पंचांग, ज्योतिष सम्बन्धी जानकारी दी गई।
शिविर प्रभारी राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि शिविर का प्रारम्भ संस्कृत वेदिक मंत्रों, प्रार्थना, संध्या उपासना, ओम उच्चारण, सत्संग से हुआ । ज्योतिषाचार्य विकास उपाध्याय ने आज संध्या उपासना,गायत्री मंत्र , माला जाप की विधि, नियम , पंचांग के अंग, वार, तिथि, योग, करण, व्रत आदि बताये।
प्रोफेसर श्याम सुंदर पारिक ने वेद, वेदांग के भाग,ग्रह, उपग्रह,सोलह संस्कार, टेवा बनाना जन्म नाम का महत्व के बारे में बताया। पण्डित रजनीश दाधीच ने सरल संस्कृत के लिंग्, वचन,वाक्य निर्माण और मम माता देवता गीत सुनाया। पंडित कौशल शर्मा द्वारा छोटे बच्चों बटुकों को देव पूजन, परिक्रमा करने का तरीक़ा सिखाया गया । स्थान सीमित होने से शिविर में नए रजिस्ट्रेशन बन्द कर दिये गये है। अब तक प्रतिदिन कुल 177 बटुक शिविरार्थी प्रशिक्षण हेतु सम्मिलित हो रहे हैं । 10 वर्ष तक के बालकों के लिये अलग कक्षा सत्र बनाया गया है । आज शिविर में पधारे योग गुरु सुरेश शर्मा ने योग का महत्व बताया। भगवान लाल तडबा ने हास्य योग, शुक्ष्म योग का महत्व बताया। शिविर मे टेंट आदि व्यवस्था सहयोग हेतु टेंट व्यबसायी भरत डंग का स्वागत वरिष्ठ जनों द्वारा किया गया। अहमदाबाद मे कार्यरत आयुर्वेद के प्रतिष्ठित वैद्य डॉ सिद्धार्थ पानेरी ने दैनिक जीवन में संस्कार का महत्व बताया।
शिविर में ओम प्रकाश उपाध्याय पूर्व डीवायएसपी, राकेश गिल, पण्डित दिनेश तिवारी, जगदीश शर्मा डेरी, मदन लाल शर्मा उपरेड़ा, अशोक जोशी, ,शिव लाल शर्मा विजयपुर, चन्द्र शेखर त्रिपाठी, श्याम शर्मा एडवोकेट, श्याम लाल गिल,अनुराग शर्मा श्रीनाथ जल, जयप्रकाश शर्मा पछुन्दा, पण्डित कौशल शर्मा, भरत चाष्टा रेलवे, भरत शर्मा हॉस्पिटल,महेश जोशी हॉस्पिटल, अशोक उपाध्याय, डॉ. योगेश व्यास, किशन लाल ओझा ,योगेश शर्मा त व आदि ने अपना सहयोग दिया। अल्पाहार व्यवस्था में डॉ योगेश व्यास का सहयोग प्राप्त हुआ।