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May 27, 2024, 11:18 am
NEWS : गोमाता के दूध के सेवन से बुद्वि कुशाग्र होती है, घटियावली कस्बे में ग्वाल कृष्ण कथा का आयोजन, उमड़ रही भक्तों की भीड़, पढ़े खबर 

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चित्तौड़गढ़। गोमाता की महिमा अपरंपार है। मनुष्य अगर जीवन में गौमाता को स्थान देने का संकल्प कर ले तो वह संकट से बच सकता है। ये प्रवचन हरे कृष्णा प्रभु राकेश पुरोहित ने शनिवार रात घटियावली गांव में आयोजित तीन दिवसीय ग्वाल कृष्ण कथा के दूसरे दिन व्यक्त किए। शाम साढ़े सात बजे से शुरू हुई कथा महोत्सव में गोमाता के संरक्षण का संदेश देते हुए प्रशासनिक संत राकेश पुरोहित ने कहा कि मनुष्य को चाहिए कि वह गाय को मंदिरों और घरों में स्थान दे, क्योंकि गौमाता मोक्ष दिलाती है। पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है कि गाय की पूंछ छूने मात्र से मुक्ति का मार्ग खुल जाता है। कृष्ण भगवान की बाल लीला के बारे में बताया कि किस प्रकार भगवान ने बचपन में गौ माता को चराया और और गो माता की सेवा की।
कान्हा को बचपन में पूछा गया कि आपके सबसे प्रिय कोन है तो भगवन ने उत्तर दिया कि उनके चारों तरफ केवल गौ माता रहे, यही सबसे प्रिय है उनके लिए है। पुरोहित ने गाय और भैंस के दूध में अंतर बताते हुए कहा कि एक समय था जब गायों की पूजा होती थी। आज गोमाता की हालत ऐसी हो रही है कि उनको कचरे के ढेर में बैठना पड़ रहा है। बाजारों में काफी गौ माता कचरों के ढेर में आज बैठे देखे मिलती है। चारा नहीं मिलने से प्लास्टिक की थैलियां खाने को मजबूर होती दिखती है। उन्होंने कहा कि जब से मनुष्य ने गोमाता को घर से बाहर निकाला। तब से अलग अलग बीमारियां घरों में आने लग गई। पहले जब गौ माता घर में थी। तब किसी प्रकार की बीमारी नहीं आती थी। गोमाता का दूध सेवन से मनुष्य की बुद्धि, ज्ञान में तेज रहता है। इधर कथा महोत्सव में गोमाता की जयकारों के साथ भजनों की प्रस्तुतियां पर श्रद्वालु भाव विभोर होकर नृत्य करते रहे। इधर इस कथा के माध्यम से गोशाला के सहयोग का संदेश भी दिया गया है। कथा श्रवण के लिए घटियावली सहित आसपास के गांवों के अलावा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में गोसेवक पहुंच रहे हैं। पहली बार घटियावली गांव में हो तीन दिवसीय कथा को लेकर उत्साह बना हुआ है। गोमाता की महिमा व संरक्षण पर हुए प्रवचन पर घटियावली के ग्रामवासियों ने गो माता की सेवा करने का विश्वास दिलाया।

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