चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध श्री शेषावतार कल्लाजी वेदपीठ के एकोन विशंति कल्याण महाकुंभ के उपलक्ष्य में आगामी 25 से 29 जून को आयोजित होने वाले पंच दिवसीय 51 कुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ के लिए ज्येष्ठ कृष्णा द्वितीया नारद जयंती के पावन अवसर पर यज्ञ मंडप परिसर का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन कर ध्वज स्थापित किया गया। वेदपीठ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस महायज्ञ के लिए 5 दिनों में 1500 से अधिक यजमान युगलों को आहूतियां देने के लिए पंजीकृत किया जाएगा, जिनमें से अब तक 550 यजमानों का पंजीयन कराया जा चुका हैं। वहीं वेदपीठ के कार्यकर्ताओं द्वारा भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में कल्याण महाकुंभ का जन जागरण करते हुए आयोजन में अधिकाधिक भागीदारी एवं यज्ञ में भाग लेने के लिए पंजीकरण किया जा रहा हैं। दूसरी ओर देश एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कल्याण भक्तों द्वारा महाकुंभ व महायज्ञ में भागीदारी के लिए सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं। सवा दो करोड़ द्वादश अक्षर मंत्र जाप के बाद भी अनुष्ठान जारी
कल्याण महाकुंभ के उपलक्ष्य में चौत्र नवरात्रि की प्रतिपदा से वेदपीठ के आचार्यों, बटुकों एवं कल्याण भक्तों द्वारा सवा करोड़ द्वादशाक्षर मंत्र ओम नमों भगवते वासुदेवायरू का जाप का लक्ष्य लिया गया था, जिसके बजाय अब तक सवा दो करोड़ मंत्र जाप हो चुका हैं एवं आगामी 20 दिनों में लक्ष्य के मुकाबले चौगुना उपलब्धि अर्जित कर कल्याण नगरी को विष्णुमय बनाने का पुरजोर प्रयास किया जा रहा हैं।
कल्याण महाकुंभ को लेकर वेदपीठ के न्यायसियों, पदाधिकारियों, कल्याण भक्तों, वीर वीरांगनाओं, कृष्णा शक्ति दल की माता बहनों, शक्ति ग्रुप की बालिकाओं एवं नगरवासियों में खासा उत्साह हैं। जिसके फलस्वरूप ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी के बावजूद आगामी 9 जून को आयोजित होने वाली विशाल आध्यात्मिक पदयात्रा को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान नौतपा होने से तापमान भले ही 45 डिग्री पार कर रहा हो, लेकिन आयोजन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां अनवरत जारी हैं।पदाधिकारियों ने बताया कि कल्याण महाकुंभ का भव्य आयोजन कल्याण नगरी में 22 से 29 जून तक होगा। इस दौरान राजस्थान में प्रथम बार कल्याण नगरी में नारदीय महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा हैं। जिसमें व्यंकटेश बालाजी दिव्यधाम अलवर के स्वामी सुदर्शनाचार्य महाराज के मुखार्विंद से कल्याण नगरी में नारदीय महापुराण कथा का रसामृत पाने का सौभाग्य प्राप्त होगा।