मंदसौर। जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर ग्राम बिल्लोद के एक किले में स्थित बने अब्बास अलमदार के बने चिल्ले जो कि आठ तारीख वाले बाबा के नाम से पूरे देश में मशहूर है। जहां पर आपके आस्ताने पर सिर्फ एक अकीदत यानी मन्नत का धागा बांधने से मन की मुरादें पूरी होती है। वैसे तो यहां इस रोजे पर अपना शीश नवाने बारह ही महीने जायरीनों का तांता लगा रहता है। लेकिन खास कर मोहर्रम के चांद की आठ तारीख को यहां खास दिन माना जाता है, क्योंकि इस दिन दूरदराज से हजारों लोग आपके आस्ताने पर अपना शीश नवाने आकर कोई अपनी मन्नतें उतारने तो कोई मन्नत का धागा बांधने आते हैं।
इस बारे में यंहा के सदर कायम हुसैन जागीरदार ने बताया कि यह रोजा हजारों सालो से यहां स्थित है और यहां पर आज के दिन हजारों की संख्या में जायरीनों का हुजूम उमड़ रहा है। खास कर इनमें वो लोग हैं, जिनके औलाद नहीं होती हैं वे लोग यहां आकर मन्नत का धागा बांधते है और मन्नत पूरी होने पर अपने बच्चों को यहां शीश नवाने से लेकर फल मिठाई से तौलते हैं। इस आस्ताने पर सभी धर्म के लोग आते हैं और अपनी मन की मुरादे मांगते हैं। आपके आस्ताने पर लोग रोते हुवे आते हैं और हंसते हुवे जाते हैं।