मनासा। नगर में श्री रामद्वारा में चल रहे चातुर्मास सत्संग समारोह के अंतर्गत श्रावण मास के सुपावन अवसर पर राम स्नेही युवा संत चेतन राम जी के मुखविंद से श्री शिव महापुराण का संगीत में कथा का श्रवण उपस्थित सेकडो भक्तो को कराया जा रहा हे। रोजाना कथा में भगवान शिव जी की महिमा का वर्णन कर कथा की महत्ता का सार बतलाया जा रहा हे कल मंगलवार को संत चेतन राम जी ने शिव पुराण कथा में भस्मी का महत्व बताया गया की जो व्यक्ति भस्मी को धारण करता है पर साक्षात शिव रूप को माना जाता है जिसके लिए शिव तत्व को प्राप्त करने के लिए भीतर और बहारिक दोनों रूप से स्वच्छ होना जरूरी है। संत श्री कहते हैं कि जो व्यक्ति गले में रुद्राक्ष माथे पर भस्मी तथा पूजन में बिलपत्र का उपयोग करता है वह साक्षात त्रिवेणी के समान होता है। राम जी महाराज ने एक मुखी से 14 मुखी तक के रुद्राक्ष का विस्तृत वर्णन कथा में किया गया। कोन सा रुद्राक्ष धारण करने पर क्या प्राप्त होता हे। संत श्री ने पावन चातुर्मास में रामद्वारा में हो रही ही शिवपुराण कथा व सत्संग का पुण्य लाभ उठाने का अनुरोध नगर वालों से करते हुवे कहा की अपने मन और तन को सत्संग के माध्यम से पवित्र करें।