नीमच। जिले के गांव पालसोडा में स्थित भैसासरी माताजी मंदिर परिसर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया कथा के प्रथम दिन ढोल नगाड़ों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गयी। कलश यात्रा गांव के मुख्य मार्गाे से होते हुए भैसासरी माताजी मंदिर परिसर स्थित कथा स्थल पर पहुंची।कलश यात्रा के दौरान महिलाओं ने अपने सर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों के साथ वातावरण को भक्तिमय कर दिया। श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव का आयोजन दहिया परिवार पालसोड़ा द्वारा दिनांक 30 जुलाई से 5 अगस्त 2024 सप्त दिवस प्रतिदिन 11 से 3 तक आयोजन किया जाएगा। कलश यात्रा के दौरान मंत्रोच्चार के बीच पुराण पूजन और व्यास का तिलक कर पूजन किया गया।कथा के प्रथम दिवस कथा व्यास पं. श्री नरेंद्र देव यज्ञमणि जी महाराज सकरानी रैय्यत वाले ने भागवत माहात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि जब कोटि जन्मों का पुण्य उदय होता है तब जाकर हमें श्रीमद्भागवत कथा सुनने को मिलती है। कथा के श्रवण मात्र से हमारे मेरु पर्वत के समान पापों का शमन हो जाता है। इसलिए जीवन में हमेशा नेक कार्य करते रहना चाहिए। परोपकार की भावना हमारे जीवन को श्रेष्ठता प्रदान कर भगवान के निकट ले जाने का कार्य करती है। श्रीमद् भागवत कथा सुनने वाले भाग्यशाली होते हैं। भक्ति, ज्ञान, वैराग्य की व्याख्या के अलावा गोकरण धुन्धकारी की कथा और शुकदेव जन्म आदि की कथा सुनाई गयी। इस अवसर पर सैकड़ो ग्रामीण व महिलाएं सहित तमाम भागवत प्रेमी भक्त मौजूद रहे। कथा आयोजक दहिया परिवार ने सभी भागवत प्रेमियों से निवेदन किया है कि अधिक से अधिक संख्या में पधार कर श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा की अमृत वर्षा में डुबकी लगाये।