नीमच। आज लोग सामूहिक आत्महत्या कर रहे हैं एक चींटी घी की ओर गई चिपक गई और मर गई उसका अनुसरण दूसरी चींट्टी ने किया और जीवन समाप्त हो गया उसके पीछे दो, तीन, चार, पांच, पंचास, सौ, पांचसौ, हजार चींटी मर गई एक ने गलत रास्ते पर कदम बढ़ाए और हजारों का बलिदान हो गया बस। आज समाज में भी ऐसी ही घटना बन रही है।
यह बात आचार्य जिन सुंदर सुरीश्वर जी महाराज के शिष्य रत्न में पूज्य पन्यास तत्व रुचि महाराज साहब ने कहीं। वे जैन श्वेतांबर भीडभंजन पार्श्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में मिडिल स्कूल मैदान स्थित जैन भवन सभागार में आयोजित धर्म सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एक स्त्री ने गर्भपात कराया उसका अनुसरण दूसरी तीसरी लाखों स्त्रियों ने किया। मां स्वयं हत्यारण बन गई। एक स्त्री नेअर्धनग्न जैसे वस्त्र पहने फिर दूसरी तीसरी ने और आज पूरे समाज में यह पाप फैल गया है ।एक बेटे ने माता-पिता को वर्द्धा आश्रम में डाल दिया उसका अनुसरण आगे बड़ा और माता-पिता के उपकार को भूलकर कपूत जैसे लाखों बेटों ने माता-पिता को वर्द्धा आश्रम में डाल दिया ।एक माता-पिता ने बेटे को अनाथ आश्रम में रख दिया बस फिर पूरे समाज में धीरे-धीरे यह पाप फैलने लगा और आज हजारों लाखों बच्चे माता-पिता बिना के बच्चे के बन गए हैं। समाज को कौन सुधरेगा।पूरा वस्त्र ही फट गया है कहां-कहां सिलाई करें लेकिन समाज को ऐसे गंदे पापों से बचाना है। उनकी आंखें खोलना है। जीवन को सुंदर बनाना है तो एक ही उपाय दिख रहा है। धर्मशास्त्र का श्रवण, जो व्यक्ति संतों के पास जाकर धर्मशास्त्र का श्रवण करता है उसका जीवन परिवर्तन हुए बिना नहीं रह सकता है। में भी समाज को सुधारने के लिए जैन रामायण नामक धर्मशास्त्र का श्रवण करवाने आया हूं
।प्रति गुरुवार शुक्रवार को दो दिन तक समाज सुधारक जीवन परिवर्तन प्रवचन श्रेणी चलेगी इस रामायण ने वालिया चोर अपराधी को वाल्मीकि संत बना दिया था अच्छा सुनना है अच्छा जीवन में उतरना है और अच्छा बना है तो सदैव पुण्य कर्म ही करना चाहिए।
पूज्य आचार्य भगवंत श्री जिनसुंदर सुरिजी मसा , धर्म बोधी सुरी श्री जी महाराज आदि ठाणा 8 का सानिध्य मिला। प्रवचन एवं धर्मसभा हुई। प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे प्रवचन करने के व साध्वी वृंद के दर्शन वंदन का लाभ नीमच नगर वासियों को मिला प्रवचन का धर्म लाभ लिया।