नीमच जिनवाणी सुनने समझने व जीवन में उतारने वाले के जीवन दुरूख में दीन नहीं होता और सुख में लीन नहीं होता, कैसी भी परिस्थिति हो परमात्मा के वचनों पर विश्वास रखता है। और दोषारोपण नहीं करता है। जिनवाणी का श्रवण करने वाला कभी दिन नहीं होता हैं। यह बात साध्वी सोम्यरेखा श्री जी महाराज साहब की सुशिष्या साध्वी सुचिता श्रीजी मसा ने कही। वे जैन श्वेतांबर महावीर जिनालय ट्रस्ट विकास नगर श्री संघ के तत्वाधान में श्री महावीर जिनालय विकास नगर आराधना भवन नीमच में आयोजित धर्मसभा में बोल रही थी।
उन्होंने भारतीय भारतीय संस्कृति की व्याख्या करते हुए बताया बताया आज से 50- 100 वर्ष पूर्व हमारा पहनावा क्या था धोती कुर्ता पगड़ी जिसमें हमारी शान बढ़ती थी हमारा बट बढ़ता था लेकिन आज के परिवेश ने पाश्चात्य की चादर ओढ़ ली है और फटे छोटे छोटे कपड़े आज प्रचलन में है। उन्होंने कहा कि क्या यह हमारी संस्कृति है? क्या यह परमात्मा की वाणी नहीं है? अंधाधुन दौड़ रहे हैं। परमात्मा को मानते हैं। लेकिन परमात्मा की नहीं मानते हैं । पुरुषों के साथ महिलाओं के पहनने में भी बदलाव आ गया है। फैशन का मान बढ़ गया है ।पहले मोटी बिंदी लाल रंग की ललाट की शोभा होती थी यह ज्ञान था कि कलर लाल और हमें भी क्या बनना है। सिद्ध तो बिंदी लाल रंग की ,लेकिन मैचिंग का दौर आ गया जैसी साड़ी वैसी बिंदी लगने लगी, मुला आचार मर्यादा संस्कार भूल गए उन्होंने कहा कि व्यवहार पूर्ण औचित्य पूर्ण पहनावा बता देता है कि आप कौन हैं, आपके संस्कार कैसे हैं? इस अवसर पर कर्म करता है या आप करता पर भी प्रकाश डाला। कर्म का सिद्धांत अटल और परमात्मा की वाणी सत्य ये विश्वास कोडी से विवाह के बाद भी मेयना सुंदरी का नहीं डिगा। घटना दुर्घटना सुख-दुख प्राणी को मिलते हैं इस बात को समझने हेतु मैयना सुंदरी का वृतांत सुनाया कि कर्म सत्ता ने एक राजकुमारी को कैसे कोडी से विवाह हुआ और कहने का अर्थ यह है कि कर्म का सिद्धांत अटल और परमात्मा की वाणी सत्य है यह विश्वास कोड़ी से विवाह के बाद भी मैयना सुंदरी का नहीं डिगा एसी हैं परमात्मा की वाणी उनके प्रति आस्था।
इस वर्षावास में सागर समुदाय वर्तिनी सरल स्वभावी दीर्घ संयमी प.पू. शील रेखा श्री जी म.सा. की सुशिष्या प.पू.सौम्य रेखा श्री जी म सा, प.पू. सूचिता श्री जी म सा, प.पू.सत्वरेखा श्री जी म साआदि ठाणा 3 का चातुर्मासिक तपस्या उपवास जप व विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रारंभ हो गया है।श्री संघ अध्यक्ष राकेश आंचलिया जैन, सचिव राजेंद्र बंबोरिया ने बताया कि प्रतिदिन 9रू15 बजे चातुर्मास में विभिन्न धार्मिक विषयों पर विशेष अमृत प्रवचन श्रृंखला का आयोजन होगा । समस्त समाज जनअधिक से अधिक संख्या में पधार कर धर्म लाभ लेवें एवं जिन शासन की शोभा बढ़ावे।
आनंद सागर सुरीश्वर जी मसा. का जयंती समारोह कल-
श्री जैन श्वेतांबर महावीर जिनालय ट्रस्ट के तत्वाधान में कल रविवार सुबह 9 बजे विकास नगर स्थित महावीर जिनालय आराधना भवन में मालवा मेवाड़ की लाल माटी नीमच की धन्य धरा पर गुरुदेव श्री आनंद सागर सुरीश्वर जी महाराज साहब की 150 वीं सार्ध शताब्दी जन्म जयंती निमित्त भव्य गुणानुवाद सभा व सामूहिक सामयिक की तपस्याआयोजित की जाएगी। उक्त जानकारी ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश जैन आंचलिया सचिव राजेंद्र बंबोरिया ने संयुक्त रूप से दी।