गुना। सावन के महीने में शिव भक्त कांवड़ से जल लेकर आते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इससे भोलेनाथ प्रसन्न होते है. और जातक की समस्त मनोकामना पूर्ण करते हैं। देश में अमन चेन शांति हरियाली खुशहाली की कामना को लेकर हनुमंता दरबार की प्रेरणा से नगर में पहली बार पैदल कांवड़ यात्रा का आयोजन हनुमंता परिवार पठार मोहल्ला द्वारा किया जा रहा है।
28 जुलाई को उज्जैन से भगवान महाकाल का पूजन अर्चन कर क्षिप्रा मां से जल भरकर पैदल कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसमें सैकड़ों की संख्या में कांवड़िए शामिल हुए। पैदल कांवड़ यात्रा उज्जैन नगर से शुरू हुई जो कि नगर के विभिन्न मार्गाे से होती हुई मक्सी, शाजापुर, पचोर, ब्यावरा, बीनागंज, रुठियाई होती हुई निकली। यात्रा अपने आठ दिन का सफर तय करती हुई शनिवार शाम गुना पहुंची।
यहां गादेर गुफा पर यात्रा का रात्रि विश्राम हुआ। गादेर से यात्रा आज प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करती हुई हनुमंता मंदिर पहुंचेगी। यहां मंदिर समिति द्वारा यात्रा का स्वागत किया जायेगा। रात्रि विश्राम हनुमंता मंदिर पर रहेगा। सोमवार को कांवड़ द्वारा लाये गये जल से हनुमंता मंदिर स्थित भूत भगवान भूतेश्वर का अभिषेक पूजन किया जायेगा। कांवड़ यात्रा का जगह जगह नगरवासियों द्वारा फूलों की वर्षा कर स्वागत किया जायेगा।