नीमच। सागरानंद जी महाराज धर्मागम की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के प्रेरक थे। प्राणियों की रक्षा के प्रति उन्होंने अनेक सेवा प्रकल्प की प्रेरणा प्रदान की थी।उन्होंने तीर्थ की रक्षा के लिए भी विभिन्न सेवा प्रकल्पों, मजदूर किसानों के कल्याण के लिए भी विभिन्न सेवा प्रकल्पों को प्रारंभ करने के लिए प्रेरणा प्रदान की थी।
।यह बात आचार्य जिन सुंदर सुरीश्वर श्री जी महाराज ने कहीं ।वे जैन श्वेतांबर श्री भीड़ भंजन पार्श्वनाथ मंदिर श्री संघ ट्रस्ट पुस्तक बाजार के तत्वावधान में पुस्तक बाजार स्थित आराधना भवन में आयोजित धर्म सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन पर्यंत साहस के साथ पंच महावृत का पालन किया था। सभी सभी श्रावक श्राविकांए आयम्बिल की तपस्या कर मोक्ष मार्ग की ओर आगे बढ़े और अपने जीवन को सफल बनाएं। पूज्य आचार्य भगवंत श्री जिनसुंदर सुरिजी मसा , धर्म बोधी सुरी श्री जी महाराज आदि ठाणा 8 का सानिध्य मिला। प्रवचन एवं धर्मसभा हुई। प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे प्रवचन करने के व साध्वी वृंद के दर्शन वंदन का लाभ नीमच नगर वासियों को मिला प्रवचन का धर्म लाभ लिया।