चीताखेड़ा। सज रहे भोले बाबा निराले दुल्हे में........, ऐसा डमरू बजाया भोले नाथ ने सारा कैलाश मगन हो गया........,शिव का वंदन किया करो जी........, आदि बैण्ड बाजों पर शिव के मधुर संगीत गीतों की स्वर लहरियों की धुनों एवं ढोल ढमाकों की गुंज पर नाचते - झुमते,थिरकते डमरू, ताशों और खंजरी बजाते हुए महाकाल के गगनभेदी जयघोष करते हुए 5 किलोमीटर दूरी तय कर भगवान श्री रामझर महादेव धाम पहुंचे। शिव भक्तों ने श्रावण मास में शिवप्रिय द्रव्या वली अर्पित करने से भूत भावन, उमापति महादेव मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। सभी देवताओं में शिव अति शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव है। श्रावण मास शिव सत्ता के द्वारा ही सृष्टि संचालित होती हैं ,शिव तो ध्यान की उत्कृष्ट साधना के परिचायक है ।
महाकाल भक्त मंडल चीताखेड़ा द्वारा सावन माह में तीसरे सोमवार को जिस मार्ग से कावड़ यात्रा निकाली गई उस मार्ग पर जगह-जगह पुष्प वर्षा व तिलक लगाकर सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक लोगों द्वारा स्वल्पाहार की स्टाइलें लगाईं गई। जिसमें डॉ विक्रम सेन, डॉ महेंद्र सिंह सिसोदिया पशु चिकित्सक, डॉ जीवन चौहान, विक्रांत सुथार द्वारा स्वल्पाहार की स्टाइल लगाकर स्वल्पाहार करवाया, वही नागेश्वर जावरिया द्वारा फल वितरण किए गए, कृषि उपज मंडी पूर्व सदस्य राजेंद्र सिंह तोमर द्वारा कांवड़ियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया, परशुराम शर्मा द्वारा स्वल्पाहार कराया गया। भक्तों ने व्रत रखकर महादेव की उपासना की। सुबह शिवालयों में बेलपत्र, दुग्ध, पंचामृत,शहद, शक्कर,दही सहित आदि पूजा सामग्री से भोलेनाथ का अभिषेक किया गया।
चीताखेड़ा -जीरन मार्ग पर दलपतपुरा के समीप मनोहारी झील में स्थित अतिप्राचीन रामझर महादेव मंदिर पर शिव भक्तों का बड़ी संख्या में सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की दर्शन करने की होड़ लगी हुई।बोल बम बम.....,हर हर महादेव......,जय श्री महाकाल....... ओम् नमः शिवाय... ओम् नमः शिवाय...... आदि जयकारों से शिवालय गुंजायमान कर दिया। पुजारी द्वारा भगवान भोलेनाथ रामझर महादेव का फूलों से श्रृंगार किया गया। भोलेनाथ के आकर्षक श्रंगार का दर्शन करने श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे दिव्य दर्शन कर भोलेनाथ की सवारी नंदी महाराज के कान में अपनी मनोवांछित कामना पूर्ति के लिए अर्जी लगाई।
महाकाल भक्त मंडल चीताखेड़ा द्वारा सावन माह में तीसरे सोमवार को प्रातः 9 बजे गांव के बजरंग मंदिर से बैण्ड बाजों एवं ढोल ढमाकों के साथ भव्य कांवड़ यात्रा प्रारम्भ हुई। गांव के विभिन्न मार्गों से होती हुई रामझर महादेव धाम पहुंची। कांवड़ यात्रा में भगवान महाकाल की ट्रैक्टर ट्राली में झांकी आकर्षक ढंग से सजाई गई थी। झांकी में छोटे -छोटे बच्चे भगवान शिव (उर्वंशी माली), देवी पार्वती (प्राची माली) ने स्वांग धरे हुए दर्शकों का मन मोह रहे थे।